ठाकुरगंज (किशनगंज) : दुर्गापूजा की छुट्टियां खत्म होने के बाद घर लौटने और फिर कार्यक्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अभी से ट्रेन टिकट चिंता का कारण बन गया है. 21 अक्टूबर को दशमी है और इस दिन की यात्रा के लिए 22 अगस्त को टिकट बुकिंग शुरू होते ही कई ट्रेनों में सीटों की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी. कई ट्रेनों में वेटिंग लंबी हो गयी, जबकि कुछ श्रेणियों में टिकट रिग्रेट की स्थिति में पहुंच गया.
ठाकुरगंज से सियालदह जाने वाली कंचन कन्या एक्सप्रेस में 21 अक्टूबर की यात्रा के लिए स्लीपर श्रेणी में रिग्रेट और तीन ई में 83 वेटिंग दर्ज थी. टिकट बुकिंग शुरू होने के दिन ही ऐसी स्थिति सामने आने से यात्रियों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है.
कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग
किशनगंज से सियालदह जाने वाली ट्रेनों में भी टिकट की मांग काफी अधिक रही. विवेक एक्सप्रेस में स्लीपर में 26 वेटिंग, जबकि तीन ए और दो ए में रिग्रेट की स्थिति रही. काजीरंगा एक्सप्रेस के स्लीपर में 11, तीन ई में नौ और तीन ए में 11 वेटिंग दर्ज थी.
दार्जिलिंग मेल में स्लीपर की वेटिंग 212 और तीन ए में 291 तक पहुंच गयी. वहीं तेजस-तोरषा एक्सप्रेस में स्लीपर में 68 और तीन ए में 53 वेटिंग रही. पदातिक एक्सप्रेस, उत्तर बंग एक्सप्रेस और कामरूप एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी कई श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति दिखाई दी.
दशमी के बाद बढ़ेगी यात्रियों की भीड़
दुर्गापूजा के दौरान उत्तर बंगाल आने वाले लोगों में बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की होती है, जो छुट्टियां समाप्त होने के बाद अपने घर लौटते हैं. इसके बाद नौकरी, कारोबार और अन्य कामकाज के लिए अपने कार्यक्षेत्र की ओर रवाना होते हैं. दशमी के बाद होने वाली इस दोहरी आवाजाही से ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव और बढ़ने की संभावना है.
ठाकुरगंज, किशनगंज और आसपास के इलाकों से सियालदह समेत दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट हासिल करना अभी से चुनौती बन गया है. यात्रा की तारीख करीब दो महीने दूर होने के बावजूद टिकट की ऐसी स्थिति आने वाले दिनों में बढ़ने वाले दबाव का संकेत दे रही है.
यात्रियों ने की अतिरिक्त ट्रेन चलाने की मांग
यात्रियों का कहना है कि दशमी के बाद घर लौटने और कार्यक्षेत्र की ओर जाने वालों की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे को अभी से अतिरिक्त ट्रेनों और पूजा विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करनी चाहिए. समय रहते अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गयी तो त्योहार के बाद यात्रियों को टिकट के लिए और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
