किशनगंज जिले के ठाकुरगंज नगर क्षेत्र में रविवार सुबह हुई हल्की बारिश ने नगर पंचायत के जलनिकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी. बारिश की कुछ बूंदें गिरते ही महत्वपूर्ण ब्लॉक रोड देखते ही देखते जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गई.
सड़क पर पानी, पानी के नीचे छिपे जानलेवा गड्ढे और कीचड़ से बचकर निकलने की जद्दोजहद करते राहगीरों की तस्वीरें नगर निकाय के योजनाविहीन विकास की पूरी कहानी बयां कर रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहां बारिश आफत नहीं है, बल्कि जल निकासी के समुचित प्रबंध का अभाव असली मुसीबत बना हुआ है.
मुख्य पार्षद के आवास से 100 मीटर की दूरी पर बदहाली का आलम
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विरोधाभास प्रशासनिक और राजनीतिक दूरी को लेकर सामने आ रहा है:
- वीआईपी क्षेत्र की उपेक्षा: जिस ब्लॉक रोड पर घुटने तक पानी लगा हुआ है, वहां से नगर पंचायत के मुख्य पार्षद का आवास महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है.
- अधिकारियों और प्रतिनिधियों की चुप्पी: रोजाना जनप्रतिनिधि और ब्लॉक मुख्यालय के प्रशासनिक अधिकारी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, इसके बावजूद वर्षों से इस मार्ग पर पानी निकासी का कोई स्थायी बंदोबस्त नहीं किया गया.
सड़क बनी पर जलनिकासी का रास्ता नहीं: योजनाविहीन निर्माण पर सवाल
ब्लॉक रोड की मौजूदा स्थिति नगर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है:
- लाखों का खर्च बेकार: सड़क निर्माण पर सरकारी फंड से भारी राशि खर्च कर चमचमाती सड़क तो बना दी गई, लेकिन बारिश के पानी के निकास के लिए पक्का ड्रेनेज (नाला) तैयार नहीं किया गया.
- रोजमर्रा की परेशानी: हल्की बूंदाबांदी होते ही सड़क पर पानी भर जाना अब कोई असामान्य बात नहीं रही, बल्कि यह इस इलाके की नियति और रोजमर्रा की स्थायी समस्या बन चुकी है.
हादसों को दावत दे रहे पानी में डूबे गड्ढे
सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण सड़क की सतह नजर नहीं आती:
- पैदल चलने वाले, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं.
- स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने मांग की है कि नगर पंचायत केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि पानी निकासी के लिए तुरंत मास्टर ड्रेन का निर्माण कराए ताकि नागरिकों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.
