उवर्रक दुकानदाराें के लिए आवासीय कोर्स का समापन

उवर्रक दुकानदाराें के लिए आवासीय कोर्स का समापन

पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय अर्राबाड़ी में आयोजित 15 दिवसीय आवासीय कोर्स का मंगलवार को समापन हुआ. 27 मई से 10 जून तक आयोजित आवासीय कोर्स का उद्देश्य उर्वरक डीलरों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाना और उन्हें मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में पैरा-एक्सटेंशन प्रोफेशनल्स के रूप में तैयार करना है. समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय के एसोसिएट डीन सह प्रिंसिपल डॉ के सत्यनारायण मौजूद थे.उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कृषि में उर्वरक का महत्व अत्यधिक है,और यह कोर्स डीलरों के लिए एक बेहतरीन अवसर है,जो उन्हें अधिक प्रभावी और जिम्मेदार बनाने में मदद करेगा.उर्वरक क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए इस तरह के कोर्स की आवश्यकता बेहद जरूरी है.यह कार्यक्रम सभी के लिए ज्ञानवर्धक रहा,और उम्मीद है कि यह कोर्स कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा.कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए.एक प्रशिक्षार्थी ने कहा कि इस कोर्स के माध्यम से मुझे मृदा प्रबंधन और उर्वरक के सही उपयोग के बारे में गहरी जानकारी मिली है.अब मैं अपने गांव के किसानों को सही दिशा दिखा सकूंगा.कोर्स के नोडल अधिकारी और समन्वयक डॉ एससी पॉल ने भी प्रशिक्षणार्थियों को कोर्स के लाभों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया.उन्होंने कहा इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में उर्वरक डीलरों और कृषि क्षेत्र के अन्य व्यक्तियों की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे. यह कार्यक्रम उर्वरक डीलरों की व्यावसायिक दक्षता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है,और भविष्य में इसी प्रकार के और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.इस अवसर पर डॉ जेपी सिंह, नोडल अधिकारी एचआरसी व डॉ संजय सहाय, हॉर्टिकल्चर विभागाध्यक्ष साथ ही अन्य वैज्ञानिक डॉ रीना रॉय,डॉ केविन क्रिस्टोफ़र सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. वही मंच का संचालन डॉ श्वेता ने किया.बता दें कि 15 दिवसीय प्रशिक्षण कोर्स फर्टिलाइजर डीलर्स,कृषि व्यवसाय से जुड़े लोगों और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए है. इस कोर्स के माध्यम से कृषि क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों को उर्वरक प्रबंधन,मृदा स्वास्थ्य और उर्वरक संतुलन बनाए रखने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.इस कोर्स में भाग लेने के लिए फर्टिलाइजर डीलर्स,कृषि व्यवसाय से जुड़े लोग और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले सभी व्यक्ति पात्र है.

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Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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