किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र में दर्ज बहुचर्चित दुष्कर्म कांड के मुख्य आरोपी और पौआखाली नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया को किशनगंज पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले करीब चार हफ्तों से लगातार फरार चल रहा था. व्यवहार न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर देर रात सिलीगुड़ी में घेराबंदी कर उसे धर दबोचा और मेडिकल जांच के उपरांत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
अग्रिम जमानत याचिका खारिज होते ही पुलिस का एक्शन
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए आरोपी ने कानूनी राहत पाने की कोशिश की थी:
- कोर्ट में डाली थी याचिका: अहमद हुसैन उर्फ लल्लू मुखिया ने पौआखाली थाना कांड संख्या 120/2026 में अग्रिम जमानत के लिए व्यवहार न्यायालय में गुहार लगाई थी.
- अदालत का कड़ा रुख: अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (लोक अभियोजक) ने मामले की संवेदनशीलता, उपलब्ध पुख्ता साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों को मजबूती से रखा. अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.
क्या था पूरा मामला? प्राथमिकी में लगे सनसनीखेज आरोप
अभियोजन और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार घटना 28 जुलाई 2026 की रात की है:
- पंचायत के बहाने ले गया था साथ: आरोप है कि आरोपी लल्लू मुखिया किसी पारिवारिक विवाद की पंचायत कराने के बहाने पीड़िता, उसके पति और उनकी नाबालिग बेटी को अपने साथ लेकर निकला था.
- पति को नशीला पदार्थ देकर किया बेहोश: रास्ते में आरोपी ने पीड़िता के पति को रजनीगंधा में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया, जिससे वह अचेत हो गए.
- होटल में दुष्कर्म का आरोप: इसके बाद आरोपी पीड़िता और उसकी बेटी को किशनगंज शहर के एक होटल में ले गया, जहां पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे भी नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया गया.
- बीएनएसएस धारा 183 में बयान दर्ज: जांच के दौरान पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत पीड़िता का न्यायिक बयान कलमबंद कराया, जिसमें पीड़िता ने प्राथमिकी में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि की.
चार सप्ताह की फरारी के बाद सिलीगुड़ी में दबोचा गया
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था:
- SIT की छापेमारी: पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित SIT लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी. जैसे ही आरोपी के सिलीगुड़ी में छिपे होने का तकनीकी सुराग मिला, टीम ने देर रात सटीक कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
- मेडिकल जांच के बाद जेल: गिरफ्तारी के उपरांत SIT आरोपी को ठाकुरगंज लेकर पहुंची, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया. इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे किशनगंज मंडल कारा (जेल) भेज दिया गया.
