पौआखाली में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का फरमान बेअसर, सफाई एजेंसी की मनमानी से मंडराया महामारी का खतरा

Pouakhali Nagar Panchayat Cleaning Agency Negligence: नगर पंचायत पौआखाली में सफाई व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई है. जनप्रतिनिधियों के कड़े निर्देशों को हवा में उड़ाकर सफाई एजेंसी अपनी मनमानी कर रही है, जिससे पूरा शहर नारकीय स्थिति में तब्दील हो चुका है.

Pouakhali Nagar Panchayat Cleaning Agency Negligence: पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट: नगर पंचायत पौआखाली में जनसमस्याओं के प्रति सफाई एजेंसी की संवेदनहीनता थमने का नाम नहीं ले रही है. आलम यह है कि नगर के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का सख्त निर्देश भी अब बेअसर साबित हो रहा है और सफाई एजेंसी अपनी मनमानी पर आमादा है. एजेंसी की इस घोर लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ठंडे बस्ते में गया मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का ‘सख्त निर्देश’

दरअसल, चार-पांच दिन पूर्व ही मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू ने सफाई एजेंसी को कड़े लहजे में निर्देश दिया था. उन्होंने कहा था कि नगर में बरसाती पानी के कारण जाम पड़ी सभी छोटी-बड़ी नालियों की अविलंब साफ-सफाई कराई जाए ताकि जलजमाव न हो. लेकिन इस फरमान के पांच दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. सफाई एजेंसी ने इस जनहित के जरूरी निर्देश को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और किसी भी वार्ड में नालों की मुकम्मल सफाई शुरू नहीं की गई है.

बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सड़कों पर बह रहा नालियों का गंदा पानी

क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने स्थानीय लोगों की मुसीबत को कई गुना बढ़ा दिया है. नालों में महीनों से जमा प्लास्टिक और कचरों के कारण जल निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है. नतीजा यह है कि कई प्रमुख जगहों पर नाले का बदबूदार गंदा पानी उफनकर सड़कों पर बह रहा है. इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय दुकानदारों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है.

मच्छरों का बढ़ा आतंक, संक्रामक बीमारियों का खतरा

नालियों में हफ्तों से ठहरे हुए सड़ते पानी के कारण पूरे नगर में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस भयंकर जलजमाव और सड़ांध की वजह से पूरे इलाके में संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है. मच्छरों के बढ़ते डंक से लोग मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियों के डर के साये में जीने को मजबूर हैं.

नगरवासियों ने नगर प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

सफाई व्यवस्था की इस बदहाली से नाराज नगरवासियों ने नगर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि जब खुद जनप्रतिनिधियों के आदेशों को सफाई एजेंसी हवा में उड़ा रही है, तो आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और मुख्य पार्षद से ऐसी लापरवाह सफाई एजेंसी पर अविलंब दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने, उसका टेंडर रद्द करने और नगर को इस नारकीय स्थिति से जल्द से जल्द निजात दिलाने की पुरजोर मांग की है.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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