पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में भारी और ओवरलोड वाहनों का बेरोकटोक परिचालन प्रशासनिक निगरानी पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है. अब इस अनियंत्रित परिचालन की पुख्ता तस्वीर भी सामने आ चुकी है.
पश्चिम बंगाल की ओर से रेलवे कार्य के लिए भारी मात्रा में गिट्टी (स्टोन चिप्स) लादकर बिहार की सीमा में दाखिल हुआ एक ट्रक मानक क्षमता से कहीं अधिक माल ढोता हुआ सड़कों पर दौड़ता नजर आया. ट्रक की बॉडी से काफी ऊपर तक लदी गिट्टी साफ तौर पर ओवरलोडिंग की पुष्टि कर रही है.
गलगलिया इंटीग्रेटेड बॉर्डर चेकपोस्ट की निगरानी पर गहराया संशय
पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश के दौरान वाहनों की सघन तकनीकी और वजन जांच की व्यवस्था है:
- जांच में घोर लापरवाही: सबसे बड़ा सवाल सीधे गलगलिया सीमा जांच चौकी (Galgalia Checkpost) पर तैनात परिवहन, वाणिज्य कर और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है.
- कागजी खानापूर्ति या अनदेखी: प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या इस भारी वाहन को अधिकृत वे-ब्रिज (Dharamkanta) पर तौला गया था, या फिर महज कागजी औपचारिकता पूरी कर इसे आंख मूंदकर बिहार की सीमा में प्रवेश करने दिया गया?
सड़कों का दम फूल रहा, हादसों को खुली दावत
मानक से अधिक वजन लेकर चलने वाले वाहनों से सार्वजनिक संपत्ति और आम जनजीवन दोनों को गंभीर खतरा है:
- सड़क और पुल-पुलिया जर्जर: सीमावर्ती क्षेत्र की सड़कें और ग्रामीण पुल-पुलिया तय एक्सल लोड क्षमता के हिसाब से बनाए गए हैं. सीमा पार से आ रहे अत्यधिक भारी ट्रकों के दबाव से नई बनी सड़कें धंस रही हैं और पुलों की उम्र घट रही है.
- जानलेवा दुर्घटनाओं का डर: क्षमता से अधिक माल लदा होने के कारण ऐसे वाहनों का संतुलन कभी भी बिगड़ सकता है. तीखे मोड़ों या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में पीछे चल रहे दोपहिया व छोटे वाहन अक्सर बड़े हादसों का शिकार बन जाते हैं.
रेलवे कार्य के नाम पर वजन में हेरफेर की आशंका
यह गिट्टी रेलवे से जुड़े किसी निर्माण कार्य के लिए लाई जा रही थी, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो जाता है:
- चालान और वास्तविक वजन का खेल: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि वाहन के चालान में दर्ज वजन और ट्रक में वास्तव में लदी सामग्री की मात्रा में बड़ा अंतर हो सकता है.
- उच्चस्तरीय जांच की मांग: बॉर्डर पर एंट्री से लेकर रेलवे कार्यस्थल पर अनलोडिंग तक की पूरी वजन श्रृंखला और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि बॉर्डर पर चल रहे ओवरलोडिंग के इस संगठित खेल का पर्दाफाश हो सके.
