सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज, पौआखाली में खुद दुकानें हटाने लगे कारोबारी

NH-327E Encroachment: किशनगंज में एनएचएआई की चेतावनी के बाद मची हलचल. हाईवे किनारे वर्षों से जमे प्रतिष्ठान हटने लगे. पौआखाली में सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण पर शुरू हुई बड़ी कार्रवाई.

पौआखाली (किशनगंज) से रणविजय की रिपोर्ट

NH-327E Encroachment : राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई के किनारे अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगी है. एनएचएआई की चेतावनी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पौआखाली के एलआरपी चौक क्षेत्र में कई दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपने प्रतिष्ठानों को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है. इससे पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है.

75 मीटर दायरे में निर्माण पर सख्ती

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य भाग से दोनों ओर निर्धारित 75 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नए व्यावसायिक निर्माण पर रोक है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब पूर्व से बने अतिक्रमणों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है. एनएचएआई द्वारा पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी जा चुकी थी.

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एलआरपी चौक पर दिखने लगा असर

पौआखाली के एलआरपी चौक स्थित सर्विस रोड के किनारे बने कई अस्थायी और स्थायी ढांचे हटाए जा रहे हैं. कई व्यवसायियों ने प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं अपनी दुकानें और संरचनाएं हटानी शुरू कर दी हैं. इससे क्षेत्र में संभावित विवाद और क्षति से बचने की कोशिश भी देखी जा रही है.

NH-327E Encroachment : सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे किनारे अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था. कई जगहों पर सड़क की दृश्यता भी प्रभावित हो रही थी. अतिक्रमण हटने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होने और वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिलने की उम्मीद है.

अन्य इलाकों में भी चलेगा अभियान

बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने भी राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध ढाबों, भोजनालयों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है. विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे के भीतर नए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्माण और संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी.

आने वाले दिनों में एनएच-327ई के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज होने की संभावना है. प्रशासन का मानना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा, सुगम यातायात और हाईवे के नियोजित विकास के लिए जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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