धनतोला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का किया राष्ट्रीय प्रमाणीकरण मूल्यांकन
जिससे सेवा प्रवाह और अधिक प्रभावी एवं निर्बाध बन सके.
किशनगंज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंचाने की दिशा में किशनगंज जिला प्रशासन लगातार ठोस और परिणामकारी प्रयास कर रहा है. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अब केवल प्राथमिक उपचार केंद्र नहीं, बल्कि व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, सामान्य रोगों का उपचार, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर सुलभ कराई जा रही हैं.इसीक्रम में बुधवार को धनतोला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण के तहत महत्वपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया से गुज़रा. यह मूल्यांकन न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और मानक आधारित बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है.
राष्ट्रीय एसेसरों द्वारा हुआ गहन और व्यापक मूल्यांकन
राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के तहत अधिकृत दो सदस्यीय टीम डॉ कैप्टन सुनील शबरवाल एवं डॉ काकुली सिन्हा ने केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया. पूरे दिन चले इस मूल्यांकन के दौरान टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, दवा के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था, प्रयोगशाला सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, मरीज संतुष्टि और अभिलेखों के रख-रखाव की बारीकी से समीक्षा की.एसेसरों ने पाया कि केंद्र में पिछले कुछ महीनों में उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं. प्रतीक्षालय को व्यवस्थित किया गया है, मरीजों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाया गया है, आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है.हालांकि टीम ने कुछ प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ बनाने के सुझाव भी दिए, जिससे सेवा प्रवाह और अधिक प्रभावी एवं निर्बाध बन सके. यह मूल्यांकन भविष्य में गुणवत्ता सुधार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा.जिला गुणवत्ता आश्वासन समिति की सदस्य सुमन सिन्हा ने कहा कि धनतोला केंद्र की टीम ने गुणवत्ता सुधार के प्रति सराहनीय प्रतिबद्धता दिखाई है. समय रहते सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, जो इस केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत दावेदार बनाते हैं.
राष्ट्रीय प्रमाणीकरण: गुणवत्ता सुधार की सतत प्रक्रिया
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने इस मूल्यांकन को जिला स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणीकरण केवल प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जो स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित, भरोसेमंद और मानकीकृत बनाने की दिशा में निरंतर सुधार सुनिश्चित करती है.उन्होंने कहा कि धनतोला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने जिस गंभीरता और समर्पण के साथ इस मूल्यांकन की तैयारी की है, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है. जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इसी गुणवत्ता स्तर तक पहुँचें, ताकि हर ग्रामीण नागरिक को अपने नजदीक ही उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, मरीज संतुष्टि सर्वेक्षण और सामुदायिक भागीदारी को भी इस प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे सेवा की पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित हो सके.
गुणवत्ता सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणीकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि ग्रामीण जनता का विश्वास भी मजबूत होता है कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं.उन्होंने कहा कि धनतोला केंद्र की टीम ने जिस समर्पण और मेहनत के साथ इस मूल्यांकन की तैयारी की है, वह पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. भविष्य में जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को इसी स्तर तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर व्यक्ति तक समान रूप से पहुंच सके.
गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य मॉडल की ओर बढ़ता किशनगंज
जिला पहले ही कई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के राष्ट्रीय प्रमाणीकरण के माध्यम से राज्य में अपनी अलग पहचान बना चुका है. यही उपलब्धियां अब अन्य केंद्रों के लिए प्रेरणा का कार्य कर रही हैं.धनतोला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का यह मूल्यांकन इस दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो यह दर्शाता है कि जिला अब पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर गुणवत्ता-आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह स्वास्थ्य प्रणाली की ओर तेजी से अग्रसर है.यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देगी, बल्कि ग्रामीण समाज के जीवन स्तर और स्वास्थ्य सुरक्षा को भी सुदृढ़ बनाएगी.