शाम ढलते ही रोशनी से जगमगा रहा ठाकुरगंज का मीना बाजार, बच्चों और परिवारों की बढ़ी चहल-पहल

ठाकुरगंज के खेल मैदान में शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से सजी मीना बाजार की रौनक बढ़ जाती है. मेले में झूले, खान-पान के स्टॉल और विभिन्न सामान के काउंटर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. बच्चों और परिवारों की बढ़ती चहल-पहल से स्थानीय कारोबारियों और क्लब को भी फायदा हो रहा है.

Kishanganj News: ठाकुरगंज (किशनगंज). शाम ढलते ही ठाकुरगंज का खेल मैदान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है. यहां लगे मीना बाजार में झूले, खिलौनों की दुकानें, खान-पान के स्टॉल और विभिन्न सामान के काउंटर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. शाम होते ही बच्चों और परिवारों की आवाजाही बढ़ जाती है.

सवालों के बीच बदली मेले की तस्वीर

मीना बाजार शुरू होने से पहले आयोजन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए थे. लेकिन अब शाम के समय मैदान में उमड़ रही भीड़ मेले की अलग तस्वीर पेश कर रही है. झूले बच्चों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हैं, जबकि परिवार खरीदारी और खान-पान का आनंद लेते नजर आ रहे हैं.

माइक को लेकर आयोजकों ने दी सफाई

मेले में माइक बजने से आसपास के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई थी. इसको लेकर आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि मेले में कहीं भी माइक नहीं लगाया गया है. आयोजकों के अनुसार बिना माइक के ही मेले का संचालन किया जा रहा है. ऐसे में तेज आवाज के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका को लेकर उठे सवालों पर आयोजकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है.

छोटे कारोबारियों को मिला बाजार

मीना बाजार में खिलौने, कपड़े, खान-पान और अन्य सामान की दुकानें लगी हैं. इससे छोटे दुकानदारों और अस्थायी कारोबारियों को कुछ दिनों के लिए स्थानीय ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिला है. शाम के समय भीड़ बढ़ने के साथ दुकानदारों को बिक्री में इजाफे की उम्मीद है.

क्लब की गतिविधियों को मिलेगा आर्थिक सहारा

क्लब ग्राउंड में आयोजित मीना बाजार से क्लब कमेटी को होने वाली आय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बताया जाता है कि मेले से प्राप्त राशि क्लब की विभिन्न गतिविधियों और सालभर के संचालन में आर्थिक मदद करती है. इस तरह मेले की रौनक के साथ क्लब की गतिविधियों का आर्थिक पक्ष भी मजबूत होता है.

स्कूल खत्म होने के करीब दो घंटे बाद शुरू होता है मेला

आसपास के विद्यालयों के संचालन समय को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. निर्धारित समय के अनुसार विद्यालय शाम चार बजे तक संचालित होते हैं, जबकि मीना बाजार शाम छह बजे से शुरू होता है. यानी स्कूल खत्म होने के करीब दो घंटे बाद मेले की शुरुआत होती है.

शाम होते ही बदल जाता है खेल मैदान का नजारा

Kishanganj News: फिलहाल शाम होते ही ठाकुरगंज के खेल मैदान का नजारा बदल जाता है. रंग-बिरंगी रोशनी, झूलों की ओर बढ़ते बच्चे, दुकानों पर जुटती भीड़ और कारोबारियों की उम्मीदों ने शहर की शाम में नई रौनक भर दी है.

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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