सावन का अंतिम सोमवार कल, पांच शुभ संयोगों में शिव आराधना का विशेष महत्व

सावन के अंतिम सोमवार पर पांच शुभ संयोग बन रहे हैं। जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और भगवान शिव की कृपा पाने का विशेष महत्व।

किशनगंज : भगवान शिव की आराधना के पावन माह सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा. इस दिन कई शुभ संयोग बनने से शिव भक्तों में विशेष उत्साह है. श्रद्धालु व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी में जुटे हैं.

पांच शुभ संयोगों में पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अंतिम सोमवार को प्रीति योग, आयुष्मान योग और पुत्रदा एकादशी के पारण समेत कई शुभ संयोग बन रहे हैं. इस दिन शिववास कैलाश में होने की मान्यता के कारण रुद्राभिषेक को भी विशेष शुभ माना जा रहा है.

सुबह से शिवालयों में उमड़ेगी भीड़

अंतिम सोमवारी पर शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है. भक्त गंगाजल या स्वच्छ जल से शिवलिंग का अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और चंदन अर्पित करेंगे. महिलाएं और युवतियां भी व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी.

इन मुहूर्तों में कर सकते हैं पूजा

पुरोहितों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:27 से 5:11 बजे तक, सुबह 5:55 से 7:32 बजे तक और 9:09 से 10:46 बजे तक पूजा के लिए अनुकूल समय बताया गया है. अभिजीत मुहूर्त में भी पूजा-अर्चना की जा सकती है.

सावन के अंतिम सोमवार पर कई श्रद्धालु व्रत का उद्यापन करेंगे. मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और पूजा की तैयारियां भी की जा रही हैं.


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By Prabhat khabar news desk

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