पूर्व रेलवे के अंतर्गत तिलडांगा और न्यू फरक्का जंक्शन के बीच अप लाइन पर जमीन धंसने के कारण पूर्वोत्तर और उत्तर बंगाल को जोड़ने वाले मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन संख्या-02 के अनुसार, किलोमीटर 256/31 से 256/35 के मध्य ट्रैक के नीचे की मिट्टी खिसकने की गंभीर स्थिति सामने आई है. यात्रियों की संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत, दार्जिलिंग मेल और कंचनकन्या एक्सप्रेस सहित दर्जनभर महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन (डायवर्जन) किया है, जबकि साहिबगंज-मालदा पैसेंजर को रद्द कर दिया गया है.
बुलेटिन-02: न्यू फरक्का-बल्लालपुर और नलहाटी के रास्ते डायवर्ट ट्रेनें
ट्रैक की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रेनों को दो अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है:
- न्यू फरक्का–बल्लालपुर रूट से चलने वाली ट्रेनें:
- 22301 हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस
- 13149 कंचनकन्या एक्सप्रेस
- 13243 दार्जिलिंग मेल
- 13159 कोलकाता–जोगबनी एक्सप्रेस
- 14277 पदातिक एक्सप्रेस
- 13153 गौर एक्सप्रेस
- 22511 कर्मभूमि एक्सप्रेस
- नलहाटी जंक्शन रूट से डायवर्ट की गई ट्रेनें:
- 15661 रांची–कामाख्या एक्सप्रेस
- 13433 एसएमवीबी (बेंगलुरु)–मालदा टाउन अमृत भारत एक्सप्रेस
- 13173 कंचनजंघा एक्सप्रेस
- 12503 एसएमवीबी–अगरतला हमसफर एक्सप्रेस
पैसेंजर ट्रेन रद्द, सीमांचल के यात्रियों की बढ़ी मुश्किल
रेलवे ने स्थानीय दैनिक यात्रियों से जुड़ी पैसेंजर ट्रेन को तात्कालिक रूप से रद्द करने की घोषणा की है:
- रद्द ट्रेन: गाड़ी संख्या 63401 / 63402 (साहिबगंज–मालदा टाउन–साहिबगंज यात्री ट्रेन) को परिचालन कारणों से पूर्णतः रद्द किया गया है.
- किशनगंज व मालदा मंडल पर असर: किशनगंज, बारसोई और कटिहार से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के डायवर्टेड रूट और बदले हुए इंजन शेड्यूल के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है.
डस्ट और स्टोन मेटल से भरा जा रहा धंसा हुआ हिस्सा
घटनास्थल पर रेलवे की इंजीनियरिंग विंग मुस्तैदी से काम कर रही है:
- मालगाड़ियों से पहुंचाई जा रही सामग्री: धंसे हुए ट्रैक (किमी 256/31-35) को मजबूती देने के लिए विशेष मालगाड़ियों द्वारा स्टोन मेटल (पत्थर की गिट्टी) और डस्ट मंगाकर युद्धस्तर पर भराव कार्य किया जा रहा है.
- तकनीकी परीक्षण: भराव कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक की पैकिंग, लेवलिंग और सेफ्टी ट्रायल रन कराया जाएगा, जिसके बाद ही इस अप लाइन पर नियमित ट्रेनों की गति बहाल होगी.
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक मरम्मत कार्य पूर्ण होकर ट्रैक पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक ट्रेनों के शेड्यूल में फेरबदल और देरी की संभावना बनी रहेगी. यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे पूछताछ नंबर 139 अथवा NTES ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति अवश्य जांच लें.
