ठाकुरगंज
उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल भाया बिहार तक जल्द ही सफर आसान होने वाला है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बंगाल के सिलीगुड़ी तक बनने वाला एक्सप्रेस वे इस पूरे इलाके की तस्वीर बदलने की तैयारी में है. करीब 37,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 550 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे जिले की 52 मौजों से होकर गुजरेगा. इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. और ठाकुरगंज प्रखंड के 22 मौजो की जमीन खरीद बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है.जमीनों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती
गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे की जद में आ रहे क्षेत्रों की भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इस संबंध में निबंधन विभाग को एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट में आने वाले राजस्व गांवों के नाम और संबंधित मोज़े की जानकारी दी गयी व यह सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया है कि भूमि की रजिस्ट्री न हो पाए.
पहले अधिग्रहण, फिर निर्माणबताते चले इस प्रक्रिया के बाद प्रशासन पहले थ्री-डी सर्वे के माध्यम से जमीनों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगा. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत जमीन अधिग्रहण होगा. और फिर एक्सप्रेस वे निर्माण का काम शुरू किया जाएगा.
हो चुका है अधिग्रहित भूमि के एमबीआर का विशेष पुनरीक्षण
