किशनगंज जिले में शुक्रवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने के लिए तैयार है. सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा और तीखी धूप व उच्च आर्द्रता के चलते उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी.
हालांकि, दोपहर बाद मौसम की दिशा में बदलाव देखने को मिल सकता है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जिले के विभिन्न अंचलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है.
सदर से लेकर सीमावर्ती प्रखंडों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार किशनगंज सदर, बहादुरगंज, कोचाधामन, ठाकुरगंज, दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, पोठिया और पहाड़कट्टा क्षेत्र में घने बादल छाए रहेंगे.
इन प्रखंडों में कई स्थानों पर रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है. जिले का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने की उम्मीद है, जिससे बारिश के उपरांत शाम के समय गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है.
आगामी दिनों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक सीमांचल के इस सीमावर्ती जिले में मौसम की यह अस्थिरता बनी रहेगी.
रुक-रुक कर होने वाली वर्षा और बादलों की सक्रियता से तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी. लगातार बदल रहे मौसमी पैटर्न से जिले के नागरिकों को उमस भरी गर्मी से समय-समय पर राहत मिलती रहेगी.
धान समेत खरीफ फसलों के लिए अमृत बनेगी बारिश
जिले के कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि इस समय होने वाली बारिश धान की खड़ी फसल के साथ-साथ अन्य खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी.
धान की बालियों और पौधों के समुचित विकास के लिए खेतों में नमी की अत्यंत आवश्यकता है, ऐसे में प्राकृतिक वर्षा सिंचाई की लागत को काफी हद तक कम कर देगी.
वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर प्रशासन की सतर्कता अपील
बारिश से किसानों को राहत मिलने के साथ ही मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है.
किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें. मौसम खराब होने पर तुरंत पक्के भवनों या सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
