मूसलाधार बारिश में मंदिर पर गिरा विशाल पीपल-बट का पेड़, बड़ा हादसा टला

Kishanganj News: किशनगंज में भारी बारिश के चलते एक बड़ा हादसा टल गया. दशकों पुराने पीपल-बट का विशाल वृक्ष मंदिर परिसर पर गिर गया. गनीमत रही कि थोड़ी सी चूक ने कई लोगों की जान बचा ली.

Kishanganj News: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार सुबह किशनगंज शहर में बड़ा खतरा पैदा कर दिया. धर्मशाला रोड स्थित मनोरंजन क्लब परिसर के मंदिर पर दशकों पुराना विशाल पीपल और बट का वृक्ष अचानक गिर पड़ा. हादसे में मंदिर की चहारदीवारी का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मंदिर भवन को भी नुकसान पहुंचा. राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी. इस कारण एक बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर के पुराने और जर्जर पेड़ों का तत्काल सर्वे कराने तथा जोखिम वाले पेड़ों को हटाने की मांग की है.

तेज आवाज के साथ गिरा विशाल वृक्ष, सहम गए लोग

सोमवार सुबह अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. जब लोग मनोरंजन क्लब परिसर पहुंचे तो देखा कि वर्षों पुराना विशाल पीपल और बट का पेड़ मंदिर के ऊपर गिरा पड़ा है. पेड़ का भारी तना और फैली हुई शाखाएं मंदिर की दीवार और परिसर पर बिखरी हुई थीं. कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए.

बारिश के बीच यह दृश्य देखकर लोगों में दहशत फैल गई. कई लोगों का कहना था कि अगर घटना थोड़ी देर बाद होती, तो मंदिर में पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालु इसकी चपेट में आ सकते थे.

लगातार बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेड़ कई दशकों पुराना था. पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण उसकी जड़ें कमजोर हो चुकी थीं. जमीन में नमी बढ़ने से पेड़ का संतुलन बिगड़ गया और सोमवार सुबह वह अचानक मंदिर की ओर गिर पड़ा.

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि लगातार बारिश के दौरान पुराने और विशाल वृक्षों की जड़ें कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय-समय पर उनकी जांच और छंटाई जरूरी होती है.

मंदिर को नुकसान, लेकिन जनहानि नहीं

हादसे में मंदिर की सुरक्षा चहारदीवारी का बड़ा हिस्सा टूट गया. मंदिर भवन को भी नुकसान पहुंचा और परिसर में पेड़ की बड़ी-बड़ी शाखाएं तथा मलबा फैल गया.

सबसे राहत की बात यह रही कि उस समय मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ मिनट का समय अंतर कई लोगों की जान बचाने वाला साबित हुआ.

लोगों ने उठाए प्रशासन की तैयारी पर सवाल

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि शहर के सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, स्कूलों, अस्पतालों और मुख्य सड़कों के किनारे खड़े पुराने पेड़ों का तत्काल सर्वे कराया जाए.

लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान ऐसे पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. यदि समय रहते उनकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

Kishanganj News: बारिश के बीच बढ़ा खतरा, सतर्क रहने की जरूरत

किशनगंज में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और पेड़ों के गिरने का खतरा बना हुआ है. प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि खराब मौसम के दौरान पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने या वाहन पार्क करने से बचें.

इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि मानसून के मौसम में सिर्फ जलजमाव ही नहीं, बल्कि जर्जर पेड़ भी लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई ही ऐसे हादसों को रोक सकती है.

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लेखक के बारे में

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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