किशनगंज से रिपोर्ट
Kishanganj Railway Station: रेलवे स्टेशन पर पानी की एक बोतल खरीदना एक यात्री को महंगा पड़ गया. आरोप है कि किशनगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर अधिकृत टी स्टॉल पर पैकेज्ड पानी की बोतल निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर बेची जा रही थी. यात्री ने सिर्फ शिकायत ही नहीं की, बल्कि रेट बोर्ड, स्टॉल और भुगतान के सबूत भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा कर दिए. मामला देखते ही देखते RailMadad तक पहुंच गया और अब रेलवे ने जांच शुरू कर दी है. हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि अधिक वसूली का आरोप सही है या नहीं.
एक शिकायत से शुरू हुई जांच, अब रेलवे के रडार पर आया टी स्टॉल
ठाकुरगंज निवासी एक यात्री ने किशनगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित अधिकृत टी स्टॉल पर पैकेज्ड पेयजल की कीमत को लेकर सवाल उठाया. उनका आरोप है कि स्टॉल पर लगाए गए रेट बोर्ड में एक लीटर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की कीमत 14 रुपये लिखी थी, लेकिन सामान्य पानी की बोतल 15 रुपये और ठंडी बोतल 20 रुपये में बेची जा रही थी.
यात्री ने केवल मौखिक शिकायत नहीं की, बल्कि स्टॉल की तस्वीर, रेट बोर्ड और भुगतान से जुड़े प्रमाण भी X पर साझा किए. इसके बाद मामला तेजी से रेलवे के संज्ञान में पहुंच गया.
पटना: MLC पद की शपथ लेने के बाद पवन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की.
Kishanganj Railway Station: RailMadad पर दर्ज हुई शिकायत, कटिहार मंडल को भेजा गया मामला
सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद रेलवे ने इसे RailMadad पोर्टल पर दर्ज किया. शिकायत को कटिहार मंडल के संबंधित अधिकारियों के पास जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है.
RailMadad पर उपलब्ध जवाब में रेलवे ने बताया कि यदि Rail Neer उपलब्ध नहीं होती है तो रेलवे की मंजूरी वाले Aqua Refine, Bailey, Eau Trans और Aqua Gold जैसे पैकेज्ड पेयजल ब्रांड बेचने की अनुमति रहती है.
हालांकि रेलवे ने यह स्पष्ट नहीं किया कि संबंधित स्टॉल पर निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूले गए या नहीं. इस पहलू की जांच अभी जारी है.
ATR में जुर्माने का जिक्र, लेकिन जांच अभी बाकी
RailMadad की Action Taken Report (ATR) में कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है और स्टॉल संचालक पर जुर्माना लगाया जा रहा है.
हालांकि रेलवे ने अब तक यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि अधिक वसूली के आरोप सही पाए गए हैं. अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
यानी फिलहाल कार्रवाई प्रारंभिक स्तर पर है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
शिकायतकर्ता बोले, सिर्फ जवाब नहीं, असरदार कार्रवाई चाहिए
रेलवे की शुरुआती प्रतिक्रिया से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने RailMadad पर शिकायत को “Unsatisfactory” रेटिंग दी है.
उनका कहना है कि केवल औपचारिक जवाब देने से समस्या का समाधान नहीं होगा. ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी यात्री से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलने की शिकायत दोबारा सामने न आए.
यात्रियों के अधिकार और रेलवे की जवाबदेही पर फिर उठे सवाल
रेलवे स्टेशनों पर अधिकृत स्टॉलों से निर्धारित मूल्य पर सामान उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है. अगर कहीं तय कीमत से अधिक राशि वसूली जाती है तो इसका सीधा असर यात्रियों की जेब और भरोसे दोनों पर पड़ता है.
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और RailMadad जैसे प्लेटफॉर्म यात्रियों के लिए शिकायत दर्ज कराने का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आए हैं. अब इस मामले में भी सभी की नजर रेलवे की अंतिम जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी है.
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित स्टॉल संचालक के खिलाफ रेलवे के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल रेलवे ने केवल यह कहा है कि मामले की जांच जारी है.
ये भी पढ़ें: पत्नी की याद में पति ने बनवाया 25 लाख का मंदिर, जयपुर से मंगाई प्रतिमा, वैदिक मंत्रों के बीच प्राण प्रतिष्ठा
ये भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में सबसे ज्यादा प्रेम में धोखे की शिकार होती लड़कियां, महिला थाने में दर्ज आंकड़ों से खुलासा
