Kishanganj News: जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोधा में गुरुवार को नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के तत्वावधान में “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है.
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मियों ने भाग लिया. सभी को नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संदेश दिया गया.
6 अगस्त से 20 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान
ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित यह राष्ट्रीय अभियान 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक देशभर में चलाया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा से जोड़ना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है.
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक संबंधों और आर्थिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है. इसलिए युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान बेहद आवश्यक है.
छात्रों से की गई विशेष अपील
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से कहा गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें.
साथ ही अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाने का आह्वान किया गया. वक्ताओं ने बताया कि युवाओं की सकारात्मक भूमिका से ही समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से मुक्त किया जा सकता है.
योग, सकारात्मक सोच और आत्मसंयम का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान योग, सकारात्मक सोच, आत्मसंयम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर स्वस्थ जीवन जीने का संदेश भी दिया गया. उपस्थित लोगों को क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन नशामुक्ति प्रतिज्ञा लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें.
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मियों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई और छात्रों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया.
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Kishanganj News: समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया.
शिक्षकों ने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के अभियान छात्रों में जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना विकसित करते हैं. यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी, तो परिवार और समाज दोनों अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनेंगे.
