31 डिग्री तापमान में 41 डिग्री जैसी भीषण उमस, आसमान में छाए बादलों के बीच बारिश के आसार

किशनगंज जिले में गुरुवार सुबह 31°C तापमान के बावजूद 41°C जैसी भीषण उमस का अनुभव हुआ. आंशिक बादल छाए हैं और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है. गरज-चमक के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

किशनगंज जिले में गुरुवार की सुबह मौसम का मिजाज काफी गर्म और उमसभरा रहा. सुबह करीब 8 बजे जिले का वास्तविक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन हवा में अत्यधिक नमी के कारण लोगों को 41 डिग्री सेल्सियस जैसी प्रचंड गर्मी का अहसास हुआ. आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और दिनभर हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं.

वास्तविक तापमान 31 डिग्री, लेकिन 41 डिग्री जैसा अहसास

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वातावरण में नमी का स्तर अधिक होने पर शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे ठंडक नहीं मिलती और वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है. गुरुवार को किशनगंज का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. दिन चढ़ने के साथ दोपहर में पारा 34 डिग्री तक पहुंचेगा, जिससे मुख्य रूप से खुले में काम करने वाले मजदूरों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

प्रखंडों का हाल: कहीं साफ तो कहीं छाए बादल

जिले के अलग-अलग प्रखंडों में मौसम के भिन्न-भिन्न रूप देखने को मिल रहे हैं:

  • कोचाधामन और बहादुरगंज: सुबह के समय मौसम मुख्य रूप से साफ रहा और तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.
  • ठाकुरगंज, पोठिया, टेढ़ागाछ और दिघलबैंक: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे. टेढ़ागाछ और दिघलबैंक में सुबह का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा.

35 प्रतिशत तक बारिश की संभावना, किसानों को राहत की उम्मीद

प्रति घंटे के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, सुबह से दोपहर तक बारिश होने की संभावना 15 से 35 प्रतिशत तक जताई गई है. किशनगंज एक कृषि प्रधान जिला है, जहां धान की खरीफ फसल के लिए यह बारिश बेहद आवश्यक है. किसान लगातार आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बारिश के बाद नमी बढ़ने से उमस का असर और अधिक तीखा हो सकता है.

गरज-चमक को लेकर सतर्कता की अपील

मौसम में आ रहे अचानक बदलाव और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. बिजली कड़कने या गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. साथ ही वाहन चालकों को सड़क पर फिसलन और दृश्यता कम होने की स्थिति में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने को कहा गया है.


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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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