पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
Kishanganj Health News: किशनगंज जिले के पौआखाली स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुद्ध पेयजल की समस्या अब भी बनी हुई है. हैरानी की बात यह है कि ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल दो बार अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं और मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश भी दे चुके हैं. इसके बावजूद अस्पताल परिसर में लगा आरओ सिस्टम कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अस्पताल में इलाज कराने आने वाले लोगों को मजबूरी में चापाकल का पानी पीना पड़ रहा है. कई मरीज और उनके परिजन बाहर की दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं. भीषण गर्मी और उमस के बीच शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं होना लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है.
रोज पहुंचते हैं सैकड़ों मरीज, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार प्रतिदिन करीब सौ मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. इनमें गर्भवती महिलाएं, नवजात बच्चों के परिजन, बुजुर्ग और अन्य मरीज शामिल रहते हैं. ऐसे में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव सीधे तौर पर मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए. इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़े, यह स्थिति चिंताजनक है.
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निरीक्षण के बाद सफाई सुधरी, पानी की समस्या जस की तस
विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने अपने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था. उनके निर्देश के बाद परिसर की साफ-सफाई और शौचालय व्यवस्था में कुछ सुधार देखने को मिला. हालांकि शुद्ध पेयजल की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा आज तक बहाल नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरओ सिस्टम की मरम्मत में हो रही देरी अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है. उनका कहना है कि जब जनप्रतिनिधि के निर्देश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है.
Kishanganj Health News: जल्द समाधान की मांग
मरीजों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग तथा अस्पताल प्रबंधन से खराब पड़े आरओ सिस्टम को शीघ्र दुरुस्त कराने की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले लोगों को कम से कम शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा तो मिलनी ही चाहिए.
लोगों का मानना है कि स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के साथ-साथ पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक कर पाता है.
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