बिहार सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के मूल मंत्र 'सबका सम्मान–जीवन आसान' की संकल्पना को जमीनी धरातल पर साकार करने के लिए किशनगंज जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है.
इसी क्रम में समाहरणालय परिसर में आयोजित विशेष जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जिले के विभिन्न सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं को खुद आमने-सामने सुना. मामलों की सुनवाई करते हुए डीएम ने कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कराया तथा शेष समस्याओं के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए.
सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से कार्यालयों में बैठेंगे अफसर
जनता को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों और शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट रोस्टर लागू किया है.
डीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर के सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालय कक्षों में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करेंगे. यदि कोई पदाधिकारी एक से अधिक विभागों या पदों के प्रभार में हैं, तो वे इन दोनों दिनों में अपना समय विभाजित कर सभी संबंधित कार्यालयों में नागरिकों से मिलना सुनिश्चित करेंगे ताकि आम अवाम को बैरंग न लौटना पड़े.
सरकारी दफ्तरों में सुधरेगी व्यवस्था: सम्मानजनक सीटिंग और पेयजल अनिवार्य
जनसुनवाई के दौरान डीएम नवीन कुमार ने सभी सरकारी कार्यालयों के बुनियादी ढांचे को आम जनता के अनुकूल बनाने के आदेश जारी किए हैं:
- बुनियादी सुविधाएं: कार्यालयों में अपनी फरियाद लेकर आने वाले नागरिकों के लिए सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ व शीतल पेयजल तथा साफ-सुथरे शौचालयों का प्रबंध हर हाल में करना होगा.
- आगंतुक पंजी का संधारण: प्रत्येक सरकारी दफ्तर में अनिवार्य रूप से एक विधिवत 'आगंतुक पंजी' (विजिटर रजिस्टर) रखी जाएगी, जिसमें फरियादी का नाम, समस्या और समाधान की स्थिति दर्ज कर तय समय-सीमा के भीतर निस्तारण किया जाएगा.
- दैनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था: प्रखंड, पंचायत और जिला स्तर पर प्रतिदिन आने वाले आगंतुकों और प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समेकित रिपोर्ट शाम तक वरीय अधिकारियों को प्रेषित करनी होगी.
अनाधिकृत अनुपस्थिति पर नपेगा डंडा, होगी विभागीय कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी स्तर के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में दफ्तर आने वाले आगंतुकों और ग्रामीणों को असुविधा या तिरस्कार का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए.
यदि कोई मुख्य पदाधिकारी अपरिहार्य कारणों या सरकारी दौरे की वजह से उपस्थित नहीं रह पाता है, तो उसके द्वारा विधिवत अधिकृत अधीनस्थ अधिकारी फरियादियों से मिलकर उनकी बात सुनेंगे और समाधान निकालेंगे. निर्देशों की अवहेलना करने, बिना पूर्व सूचना के दफ्तर से गायब रहने या जनसमस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
