ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Trains Cancelled: कटिहार और उसके आस-पास के रेल खंडों पर रेलवे द्वारा चलाए जा रहे आवश्यक मरम्मत और निर्माण कार्यों (मेगा ब्लॉक) का व्यापक असर सीमांचल और उत्तर बंगाल के रेल नेटवर्क पर देखने को मिल रहा है. गुरुवार को भी ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन (डायवर्जन) और निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) का सिलसिला जारी रहा. रेलवे प्रशासन द्वारा लिए गए इस फैसले के कारण जहां अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस को उसके पारंपरिक मार्ग के बजाय दूसरे रूट से गंतव्य की ओर रवाना किया गया, वहीं स्थानीय स्तर पर चलने वाली कई प्रमुख डेमू (DEMU) और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा. अचानक हुए इस बदलाव की वजह से सुबह-सुबह स्टेशनों पर पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को बिना यात्रा किए ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ा.
ठाकुरगंज में 1 घंटे 20 मिनट रुकी रही गरीब नवाज; इन स्टेशनों पर नहीं गई ट्रेन
रेलवे के आधिकारिक रनिंग स्टेटस के अनुसार, गाड़ी संख्या 15716 अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस को कटिहार जंक्शन पहुंचने के बाद उसके नियमित रूट पर न ले जाकर एक वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया गया. ट्रेन को कटिहार से पूर्णिया जंक्शन, अररिया कोर्ट और ठाकुरगंज होते हुए किशनगंज प्रस्थान कराया गया. इस मार्ग परिवर्तन के चलते यह ट्रेन अपने तय स्टॉपेज—लभा, आजमनगर रोड, बारसोई जंक्शन और दालकोला स्टेशनों पर नहीं जा सकी, जिससे वहां इंतजार कर रहे यात्रियों को असुविधा हुई. ठाकुरगंज स्टेशन पर यह ट्रेन सुबह 05:05 बजे पहुंची और परिचालन संबंधी तकनीकी व्यवस्था के कारण यहां करीब 1 घंटे 20 मिनट तक खड़ी रही, जिसके बाद सुबह 06:25 बजे इसे अंतिम स्टेशन किशनगंज के लिए रवाना किया गया.
सिलीगुड़ी और मालदा रूट की ये महत्वपूर्ण ट्रेनें रहीं पूरी तरह रद्द
लोकल और एक्सप्रेस रेल सेवाओं के ठप होने से यात्रियों की मुश्किलें दोगुनी हो गईं. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) द्वारा गुरुवार को जिन ट्रेनों को पूरी तरह रद्द घोषित किया गया था, उनमें ये प्रमुख ट्रेनें शामिल थीं:
- सिलीगुड़ी-कटिहार डेमू (गाड़ी संख्या 75744)
- सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15719)
- सिलीगुड़ी टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15723)
- मालदा कोर्ट-सिलीगुड़ी डेमू (गाड़ी संख्या 75719)
- सिलीगुड़ी-मालदा कोर्ट डेमू (गाड़ी संख्या 75720)
दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों पर पड़ी दोहरी मार; बसों में उमड़ी भीड़
इस अचानक रेल संकट के कारण सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जो रोजाना रोजगार, शिक्षा या व्यापार के सिलसिले में इन शहरों के बीच सफर करते हैं. मुख्य मार्गों पर ट्रेनों के न चलने से नौकरीपेशा लोगों, कॉलेज के छात्रों और छोटे व्यापारियों का दैनिक शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया. स्टेशनों पर ट्रेनों के रद्द होने की सूचना मिलने के बाद लोगों को मजबूरन स्थानीय बस स्टैंडों और ऑटो पड़ावों का रुख करना पड़ा. यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ने के कारण बसों और निजी वाहनों में पैर रखने की जगह नहीं थी, जिसका सीधा फायदा उठाकर निजी वाहन चालकों ने मनमाना किराया वसूला. इससे आम लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में समय और आर्थिक नुकसान दोनों का सामना करना पड़ा. स्थानीय रेल उपभोक्ताओं ने रेल प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर सभी रद्द ट्रेनों का परिचालन पूर्ववत सुचारू किया जाए.
