India Nepal Border Security Kishanganj: किशनगंज. भारत-नेपाल सीमा पर अब संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही दोनों देशों के सुरक्षा बल आपस में जानकारी साझा कर त्वरित कार्रवाई करेंगे. सीमा क्षेत्र में तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए शनिवार को टेढ़ागाछ प्रखंड के फतेहपुर चेकपोस्ट परिसर में भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई.
बैठक में सीमा पर बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने माना कि खुली सीमा वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच लगातार संपर्क और समय पर सूचना साझा करना जरूरी है.
सीमा पर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने की रणनीति
बैठक में सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गयी. अधिकारियों ने चौकसी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी सूचना के मिलने पर आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने को लेकर चर्चा की.
भारत की ओर से 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल किशनगंज के द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार तथा ई समवाय माफिटोला के प्रभारी सहायक कमांडेंट बलदेव सिंह मौजूद रहे. वहीं नेपाल सशस्त्र पुलिस बल की ओर से डीएसपी किशोर कुमार श्रेष्ठा, उप निरीक्षक दुर्गा सहित अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए.
बैठक के दौरान अधिकारियों का गमछा पहनाकर सम्मान भी किया गया.
मादक पदार्थ से मानव तस्करी तक पर चर्चा
सीमा पर होने वाली विभिन्न तरह की तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकना बैठक का प्रमुख मुद्दा रहा. अधिकारियों ने मादक पदार्थ, नकली नोट, शराब, हथियार, मवेशी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की.
सीमा क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए केवल एक देश की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती. किसी संदिग्ध गतिविधि का संबंध सीमा के दोनों ओर हो सकता है. ऐसे में सूचना मिलने के बाद संबंधित सुरक्षा बलों के बीच तत्काल संपर्क और कार्रवाई की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना गया.
सीमा स्तंभों की सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ सीमा स्तंभों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने और सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.
सीमावर्ती गांवों के लोगों के लिए सीमा सुरक्षा केवल तस्करी रोकने तक सीमित नहीं है. सीमा क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अतिक्रमण या अन्य समस्या की स्थिति में स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बलों की सतर्कता महत्वपूर्ण होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों के अधिकारियों ने आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया.
India Nepal Border Security Kishanganj: सूचना मिलते ही होगी आपसी कार्रवाई
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों की सूचना समय पर साझा की जाए. संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद दोनों देशों के सुरक्षा बल आपसी समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि अपराधियों को सीमा का फायदा उठाकर बच निकलने का अवसर नहीं मिले.
बैठक के अंत में दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने सीमा पर संयुक्त रूप से सतर्कता बढ़ाने और तस्करी सहित अन्य अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सहयोग मजबूत करने पर सहमति जतायी. आने वाले दिनों में सीमा क्षेत्र में निगरानी और आपसी सूचना तंत्र को मजबूत करना इस समन्वय का प्रमुख हिस्सा रहेगा.
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