India-Nepal Border Alert: किशनगंज में Dighalbank स्थित भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अब और ज्यादा सतर्क हो गई हैं. सीमा सुरक्षा बल की 12वीं वाहिनी अंतर्गत ‘बी’ समवाय दिघलबैंक और नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल (APF) के जवानों ने संयुक्त रूप से सीमा स्तंभ संख्या 134 से 134/1 तक गश्त की. इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई.
संयुक्त गश्त के बाद सीमा स्तंभ संख्या 134/1 पर भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक भी आयोजित की गई. बैठक में सीमा सुरक्षा, तस्करी रोकने और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए.
सीमा पर तस्करी और घुसपैठ रोकने की बनी रणनीति
बैठक में दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी, मानव तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी.
इसके अलावा विदेशी नागरिकों और संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ी सूचनाओं को तत्काल साझा करने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि सीमा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी बेहद जरूरी है.
ग्रामीणों को भी किया जाएगा जागरूक
बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा और सतर्कता को लेकर जागरूक किया जाएगा. दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सूचना आदान-प्रदान तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके.
असामाजिक और देशविरोधी तत्वों पर संयुक्त नजर रखने के साथ-साथ सीमा क्षेत्र में नए अतिक्रमण रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ाने पर सहमति बनी.
सीमा पार करने के लिए जरूरी होंगे वैध दस्तावेज
बैठक में भारत-नेपाल सीमा पार करने को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई. अधिकारियों ने बताया कि अब सीमा पार करने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, नागरिकता प्रमाण पत्र या अन्य वैध पहचान पत्र जरूरी होंगे. बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी अनिवार्य रहेगा.
इस दौरान सहायक कमांडेंट Priyaranjan Chakma ने कहा कि भारत और नेपाल के सुरक्षा बलों के बीच लगातार समन्वय ही सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की सबसे बड़ी कुंजी है.
दिघलबैंक (किशनगंज) से नरेंद्र गुप्ता
