अवैध बालू खनन से डोरिया पुल को क्षति की आशंका

ठाकुरगंज प्रखंड और दिघलबैंक प्रखंड की सीमा को आपस में जोड़ने वाले डोरिया पुल का अस्तित्व खतरे में है

पौआखाली ठाकुरगंज प्रखंड और दिघलबैंक प्रखंड की सीमा को आपस में जोड़ने वाले डोरिया पुल का अस्तित्व खतरे में है. यह बालू के अवैध खनन के कारण खतरे में है. दरअसल सीमावर्ती थाना जियापोखर और गंधर्भडांगा थानाक्षेत्र के बीचों बीच डोरिया पुल के नीचे से बड़े पैमाने पर ट्रैक्टरों के जरिए बालू के अवैध खनन और परिवहन की सूचना है. पुल के नीचे पिलरों के इर्द गिर्द बड़े पैमाने पर खनन और ट्रैक्टरों के आवाजाही की निशान से इस बात को काफी बल मिलता है कि डोरिया पुल इस इलाके में बालू तस्करों के लिए मुफीद जगह बना हुआ है. ज्ञात हो कि किसी भी पुल से 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का खनन को गैरकानूनी माना गया है, बावजूद इसके यहां खनन कार्य जारी है. सूत्रों के मुताबिक पिछले एक माह से यहां काफी मात्रा में बालू खनन किया जा रहा है. ठाकुरगंज प्रखंड के सीमावर्ती बंदरझूला पंचायत के जियापोखर हाट से करीब हाफ किलोमीटर पश्चिम दिशा में गंदर्भडांगा थानाक्षेत्र सीमा को जोड़ने वाला यह डोरिया पुल पहले से ही बालू तस्करों के लिए कमाई का जरिया रहा है. हालांकि इस स्थान में बालू तस्करी रोकने का विभागीय प्रयास अभी तक असफल ही साबित होता रहा है. बहरहाल आगे खनन विभाग इस दिशा में क्या कार्रवाई करती है यह देखने वाली बात होगी.

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By AWADHESH KUMAR

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