सीमांचल के किशनगंज जिले में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को जिले भर में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है. किशनगंज जिले के सभी सातों प्रखंडों में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज आंधी-पानी के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका जताई गई है.
ठाकुरगंज और पोठिया में सबसे अधिक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जिले के विभिन्न प्रखंडों में बारिश का दायरा अलग-अलग रहेगा, जिसमें ठाकुरगंज और पोठिया प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं:
- ठाकुरगंज व पोठिया: लगभग 90 प्रतिशत बारिश की संभावना के साथ करीब 25.3 मिमी वर्षा दर्ज हो सकती है.
- बहादुरगंज: लगभग 14.6 मिमी वर्षा का अनुमान.
- किशनगंज व कोचाधामन: करीब 12.7 मिमी वर्षा होने के आसार.
- टेढ़ागाछ: 9.1 मिमी तक बारिश संभव.
- दिघलबैंक: लगभग 8.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा सकती है.
जानें आज का तापमान और हवा की रफ्तार
जिले का तापमान और हवा की स्थिति इस प्रकार रहने वाली है:
- तापमान: अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा.
- हवा की गति: पूर्वी दिशा से 10 से 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी.
- नमी व उमस: वातावरण में अधिक आर्द्रता (नमी) रहने के कारण लोगों को बीच-बीच में उमस का भी सामना करना पड़ सकता है.
दोपहर बाद और शाम में तेज बारिश का दौर
पूर्वानुमान के अनुसार, सुबह से दोपहर तक जिले में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश जारी रहेगी. वहीं दोपहर बाद और शाम के समय कई इलाकों में बादलों की भारी गर्जन और चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है.
फसलों को मिलेगा फायदा, लेकिन जलजमाव की आशंका
- खरीफ फसलों को संजीवनी: इस मानसूनी बारिश से धान, मक्का और जूट जैसी फसलों को बेहद फायदा मिलने की उम्मीद है.
- किसानों को सलाह: अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी का भराव हो सकता है, इसलिए किसानों को जल निकासी (Drainage) का उचित प्रबंध रखने और खेतों में काम करते समय मौसम का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.
- जलभराव की समस्या: लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों और ग्रामीण सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हो सकता है.
प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से सुरक्षा बरतने की अपील की है:
- बिजली कड़कने या मेघगर्जन के दौरान खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों के नीचे और जलाशयों (नदी-पोखरों) के पास बिल्कुल न जाएं.
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और अति आवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकलें.
