ठाकुरगंज एवं आसपास के क्षेत्रों में सावन के महीने में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. सोमवार को दोपहर होते-होते सूरज के तल्ख तेवरों ने लोगों को जेठ की भीषण गर्मी का एहसास करा दिया. कड़क धूप और उमस भरी गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर गया. राहगीर, मजदूर और बाजार पहुंचे लोग राहत की तलाश में पेड़ों की शीतल छांव के नीचे शरण लेते दिखाई दिए.
पेड़ों के नीचे लगा लोगों का जमावड़ा
सोमवार दोपहर तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए बाजार से लेकर सरकारी दफ्तरों के बाहर लगे बड़े पेड़ लोगों का अस्थायी ठिकाना बन गए:
- छांव में बिताया समय: राहगीर, किसान और मजदूर घंटों पेड़ों के नीचे बैठकर धूप कम होने का इंतजार करते दिखे.
- प्रभावित हुई दिनचर्या: भीषण उमस के कारण कई लोगों ने अपने जरूरी काम कुछ घंटों के लिए टाल दिए. गमछे से पसीना पोछते और पानी की बोतलों से प्यास बुझाते लोग मौसम के इस कड़े रुख से परेशान दिखे.
सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार, बाजारों में सन्नाटा
गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण दोपहर के वक्त आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा:
- बाजारों में घटी भीड़: सामान्य दिनों की तुलना में मुख्य बाजार और दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही काफी कम रही.
- वाहन चालकों की आफत: दोपहिया व पैदल यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही थमी-थमी सी नजर आई.
मौसम विभाग की सलाह: धूप से बचें और पीएं पर्याप्त पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय मौसम सामान्य था, लेकिन दोपहर होते-होते धूप इतनी तेज हो गई कि बाहर निकलना दूभर हो गया.
मौसम का पूर्वानुमान: मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों तक क्षेत्र में धूप, उमस और बीच-बीच में छिटपुट बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है. चिकित्सकों और प्रशासन ने दोपहर के वक्त अकारण धूप में निकलने से बचने, सूती कपड़े पहनने और प्रचुर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है.
