-मॉडल हेल्थ सेंटरों के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों की बदलेगी तस्वीर: सीएस

सीमावर्ती और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों वाले किशनगंज जिले में लंबे समय से गंभीर बीमारी, प्रसव या आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूरदराज के शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है

-मुख्यमंत्री सात निश्चय–3 के तहत छह सीएचसी बनेंगे आधुनिक मॉडल हेल्थ सेंटर

-आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं से सुसज्जित होंगे ग्रामीण अस्पताल

-प्रसव से लेकर जटिल सर्जरी तक की सुविधा अब प्रखंड स्तर पर

किशनगंज सीमावर्ती और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों वाले किशनगंज जिले में लंबे समय से गंभीर बीमारी, प्रसव या आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूरदराज के शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है. समय पर इलाज नहीं मिलने, आर्थिक बोझ बढ़ने और परिवहन की सीमित सुविधा के कारण कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है. मुख्यमंत्री सात निश्चय–3 के तहत अब गांव और प्रखंड स्तर पर ही लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा. यह योजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि आमजन के जीवन की सुरक्षा और भरोसे को भी मजबूत करेगी.

छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे मॉडल, बदलेगी तस्वीर

डीपीएम डॉ मुनाजिम ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री सात निश्चय–3 के प्रथम चरण में जिले के ठाकुरगंज, बहादुरगंज, दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, कोचाधामन और पोठिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है. इन सभी केंद्रों को मॉडल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सामान्य उपचार के साथ-साथ जटिल चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध होंगी. इसका सीधा लाभ उन हजारों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा.

उन्होंने कहा कि चयनित सीएचसी में लेबर रूम को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा. यहां ऑटोक्लेव, शैडोलेस लैंप, एलईडी स्पॉट लाइट, सक्शन मशीन, सिरिंज पंप, फीटल डॉप्लर, फोटोथेरेपी यूनिट, रेडिएंट वार्मर, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, एलडीआर बेड और क्रैश कार्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इन संसाधनों के माध्यम से न केवल सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित होगा, बल्कि नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल भी संभव हो सकेगी.

अब इलाज के लिए शहरों की दौड़ नहीं—स्थानीय स्तर पर ही समाधान

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि इन मॉडल हेल्थ सेंटरों के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. उन्होंने बताया कि अब मरीजों को प्रसव, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.

जिला प्रशासन की प्राथमिकता, सशक्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवा

जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य सुविधा हर व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि जिला अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हों.

आमजन को मिलेंगे ये ठोस लाभ

– गांव में ही ऑपरेशन और आधुनिक इलाज की सुविधा

-सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को मिलेगा बढ़ावा

-समय पर इलाज से जीवन बचने की संभावना बढ़ेगी

-आर्थिक बोझ और यात्रा की परेशानी में कमी

-स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और भरोसे में वृद्धि

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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