1981 से 2022 तक के अनुकंपा नियुक्तियों के कागजातों की होगी जांच
जिले में अनुकंपा के आधार पर हुई नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिल रहा है
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
-डीएम ने सभी विभागों को जांच रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश, फर्जीवाड़े पर गिरेगी गाजशैक्षणिक प्रमाण-पत्र व नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज की होगी जांच
ठाकुरगंज
जिले में अनुकंपा के आधार पर हुई नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिल रहा है. जिला पदाधिकारी विशाल राज ने वर्ष 1981 से लेकर 2022 तक की सभी अनुकंपा नियुक्तियों की व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इस निर्देश के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है और कई कर्मचारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं. डीएम ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि सभी विभागीय कार्यालय प्रमुख अपने-अपने विभागों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मियों की सूची तैयार करें और उनके शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज एवं अन्य अभिलेखों की गहन जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपें. यह पूरी कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के निर्देश के आलोक में की जा रही है, जिससे पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.
जांच के दायरे में 41 साल का लंबा कालखंड
इस आदेश के तहत चार दशक से अधिक पुराने मामलों की भी पड़ताल होगी. यानी वे नियुक्तियां भी जांच के घेरे में आएंगी, जो वर्षों से बिना किसी सवाल के चल रही थीं. प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो इस जांच में फर्जी प्रमाण-पत्र, नियमों की अनदेखी और प्रक्रियागत गड़बड़ियों पर खास नजर रखी जाएगी. आदेश जारी होते ही कई विभागों में हलचल तेज हो गई है. खासकर वे कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति पुराने समय में हुई थी, अब अपने दस्तावेजों को लेकर सतर्क हो गए हैं.
समय सीमा में रिपोर्ट अनिवार्य
सभी विभागों को निर्धारित समय के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि आगे की कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके. प्रशासन इस पूरे मामले को पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है. वही इस बड़े फैसले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पहले की नियुक्तियों में नियमों का पूरी तरह पालन हुआ था या नहीं. अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि व्यवस्था कितनी पारदर्शी थी.