सरकारी स्कूलों में पसर रहा सन्नाटा, कोचिंग कल्चर ने छीनी विद्यालयों की रौनक
सरकारी स्कूलों में पसर रहा सन्नाटा, कोचिंग कल्चर ने छीनी विद्यालयों की रौनक
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
डीईओ के निरीक्षण में खुली पोल, 575 में से मात्र 32 छात्राएं मिलीं उपस्थित, 11वीं कक्षा रही पूरी तरह गोल
ठाकुरगंज. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे कोचिंग सेंटरों का सीधा असर अब सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर दिखने लगा है. गुरुवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नासिर हुसैन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की कलई खोलकर रख दी है. पीएम श्री विद्यालय प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, ठाकुरगंज में जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे चौंकाने वाली हैं.
उपस्थिति का बुरा हाल: कक्षा 11 में एक भी छात्रा नहीं मिली
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कक्षा छठी से नौंवी तक कुल 575 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन मौके पर मात्र 32 छात्राएं ही मौजूद थीं. सबसे शर्मनाक स्थिति कक्षा 11 की रही, जहां उपस्थिति शून्य पायी गयी. हद तो तब हो गयी जब दोपहर के डेढ़ बजने के बावजूद विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति तक दर्ज नहीं की गयी थी.
अधूरा सिलेबस और शिक्षकों की लापरवाही
जांच रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर है व 12 मार्च से परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, इसके बावजूद कक्षा आठवीं के विज्ञान विषय के कई अध्याय अब तक शुरू ही नहीं किए गए हैं. छात्राओं के पास न तो विषयों का रूटीन था और न ही शिक्षकों के पास ”पाठ-टीका” उपलब्ध था.
सभी शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
इस गंभीर लापरवाही व शैक्षणिक अराजकता को देखते हुए डीईओ नासिर हुसैन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों की बढ़ती उदासीनता ही अभिभावकों व छात्रों को मोटी फीस वाले कोचिंग संस्थानों की ओर धकेल रही है.