दिघलबैंक भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एसएसबी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है.इसी क्रम में बुधवार को एसएसबी की 12वीं वाहिनी, किशनगंज अंतर्गत “बी” समवाय दिघलबैंक के द्वारा एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा की (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम के सहयोग से “वाईब्रेंट गांव” पहल के तहत गर्ल्स हाई स्कूल तुलसिया में संपन्न हुआ. सहायक कमांडेंट प्रियरंजन चकमा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें इससे बचाव के उपायों की जानकारी देना था. कार्यक्रम के दौरान एएचटीयू टीम के द्वारा छात्राओं को मानव तस्करी के विभिन्न प्रकार, इसके सामाजिक एवं मानसिक दुष्प्रभाव, तथा इससे बचने के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया. साथ ही, आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करने हेतु उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई, जिससे छात्राएं किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत मदद ले सकें. इस अवसर पर छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और रुचि के साथ भाग लिया. उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका टीम द्वारा सरल एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया.इससे कार्यक्रम और भी संवादात्मक एवं प्रभावशाली बन गया. स्थानीय लोगों एवं विद्यालय प्रबंधन ने एसएसबी और एएचटीयू टीम की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की. सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता अभियान न केवल अपराध पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी सुदृढ़ करते हैं. एसएसबी द्वारा किए जा रहे ऐसे सामाजिक कार्य यह दर्शाते हैं कि बल केवल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सुरक्षा और जागरूकता के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा हैं.
एसएसबी के अधिकारी ने छात्राओं को मानव तस्करी के प्रति किया जागरूक
छात्राओं को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें इससे बचाव के उपायों की जानकारी देना था
