किशनगंज शहर के तेघरिया स्थित गायत्री शक्तिपीठ में शांतिकुंज हरिद्वार के दिशा-निर्देशन में गुरुपूर्णिमा का पावन पर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर 12 घंटे का अखंड गायत्री महामंत्र जाप, विशेष हवन-यज्ञ और भव्य विराट दीपमहायज्ञ का आयोजन किया गया. आयोजन में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियां डालकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की मंगल कामना की.
एमजीयू (MGU) रजिस्ट्रार ने की महाआरती
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में 'माता गुजरी यूनिवर्सिटी' (MGU) के रजिस्ट्रार डॉ. इच्छित भारत विशेष रूप से मौजूद रहे. उन्होंने दीप महायज्ञ की मुख्य आरती उतारी और क्षेत्र में सुख, शांति तथा संवृद्धि की प्रार्थना की.
"गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही मिलती है जीवन को सही दिशा"
आयोजन को संबोधित करते हुए सहायक ट्रस्टी मिक्की साहा ने गुरुपूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि:
"गुरुपूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा, आत्म-अनुशासन और ज्ञान के प्रति पूर्ण समर्पण का जीवंत प्रतीक है. अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर गुरु ही शिष्य को प्रकाश की ओर ले जाते हैं, और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक और सही दिशा मिलती है."
गायत्री परिवार के सदस्य व श्रद्धालु रहे मौजूद
12 घंटे तक चले अखंड जाप और शाम को आयोजित हुए दीपमहायज्ञ से पूरा तेघरिया क्षेत्र 'गायत्री मंत्र' और भक्तिमय जयघोषों से गुंजायमान रहा.
इस अवसर पर सौरभ, विमल मित्तल, धनंजय जायसवाल, सुदामा राय, डॉ. अंशुमन, सौरभ कुमार, कुमारी तनुजा सहित गायत्री परिवार के अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय महिला व पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे.
