ईओ की कार्रवाई के बाद पूर्व किशनगंज सदर थानाध्यक्ष निलंबित
पूर्णिया प्रक्षेत्र के आइजी विवेकानंद ने आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई के बाद पूर्व थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है
किशनगंज.
सदर थाना किशनगंज के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन को निलंबित कर दिया गया है. पूर्णिया प्रक्षेत्र के आइजी विवेकानंद ने आय से अधिक संपति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई के बाद पूर्व थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन का मुख्यालय अररिया पुलिस केंद्र निर्धारित किया गया है. एसपी संतोष कुमार की रिपोर्ट मिलने के बाद किशनगंज जिला बल में कार्यरत इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन को निलंबित किया गया है. एसपी संतोष कुमार ने कहा कि इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन को निलंबित किया गया है. आय से अधिक संपति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई द्वारा 14 अप्रैल को किशनगंज के पूर्व सदर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के किशनगंज सहित पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था. पूर्व थानाध्यक्ष पर शराब माफिया, कोयला एंट्री माफिया, बालू एंट्री माफिया तथा जमीन माफिया से सांठगांठ कर अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है. आर्थिक अपराध इकाई ने किशनगंज सदर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई थाना में केस दर्ज किया था. प्राथमिकी में आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए माफिया तत्वों से सांठगांठ कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की. जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्व थानाध्यक्ष ने अपनी पत्नी, बेटे और रिश्तेदारों के नाम पर कई भूखंड की खरीदारी की है. एसपी द्वारा आइजी को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन ने सरकारी पद पर रहते हुए अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार व आपराधिक गिरोहों से सांठगांठ कर अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन के बजाय निजी लाभ के लिए पद का दुरुपयोग किया. साथ ही स्वयं एवं परिजनों के नाम पर बेनामी संपत्ति अर्जित करने तथा सेवा शर्तों और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप भी लगाए गए है. मालूम हो कि पुलिस मुख्यालय ने 19 मार्च 2026 को इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन का स्थानांतरण नवगछिया जिला पुलिस बल में कर दिया था. हालांकि स्थानांतरण के बाद उन्हें किशनगंज जिला बल से विरमित किए जाने से पहले ही आर्थिक अपराध इकाई ने शिकंजा कस दिया.