Bangla Sawan 2026: बांग्ला पंचांग के अनुसार सावन माह के पहले सोमवार पर ठाकुरगंज का ऐतिहासिक हरगौरी शिव मंदिर भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया. ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया. हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पूजा की थाली लिए शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कतारों में खड़े दिखे. मंदिर परिसर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के जयघोष से देर तक गूंजता रहा.
सुबह से लगी रही जलाभिषेक के लिए लंबी कतार
सावन के पहले सोमवार को ठाकुरगंज नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरगौरी शिव मंदिर पहुंचे. महिलाओं ने व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, जबकि युवाओं और बुजुर्गों ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद लिया. सुबह के समय मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं.
मंदिर परिसर में दिखा धार्मिक उत्साह
मंदिर के बाहर भी श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण चहल-पहल बनी रही. फूल, बेलपत्र, प्रसाद, अगरबत्ती और पूजा सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को लेकर धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला.
सीमांचल और उत्तर बंगाल के श्रद्धालुओं की भी रही मौजूदगी
हरगौरी शिव मंदिर में सीमांचल और उत्तर बंगाल के अनेक श्रद्धालु भी पहुंचे. इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग बांग्ला पंचांग के अनुसार सावन माह का पालन करते हैं. इसी परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
विशेष आयोजन नहीं, फिर भी कम नहीं हुई आस्था
हालांकि मंदिर प्रबंधन की ओर से बांग्ला सावन के पहले सोमवार को लेकर किसी विशेष धार्मिक कार्यक्रम या अतिरिक्त व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई थी. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी. सुबह से लगातार भक्त मंदिर पहुंचते रहे और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते रहे.
Bangla Sawan 2026: क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यता है कि बांग्ला सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करने तथा श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही विश्वास हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को हरगौरी शिव मंदिर तक खींच लाता है.
इसे भी पढ़ें: सुपौल-दरभंगा NH कॉरिडोर को मिली मंजूरी, मिथिलांचल और सीमांचल के बीच बनेगा नया हाईवे, इन जिलों को होगा फायदा
इसे भी पढ़ें: 3936 करोड़ की लागत से खगड़िया-पूर्णिया हाईवे बनेगा फोरलेन, सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा सफर
