दिल की बीमारियों राहत बनी ईसीजी सेवा

आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियां लोगों के जीवन के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं

किशनगंज. आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियां लोगों के जीवन के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. तनावपूर्ण जीवनशैली, धूम्रपान, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और असंतुलित खानपान इसके प्रति मूल रुप से जिम्मेदार हैं. खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इसका खतरा और भी गंभीर हो जाता है, जहाँ समय पर जांच और इलाज की सुविधा अक्सर सुलभ नहीं होती. इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल किशनगंज में ईसीजी कॉर्नर की स्थापना की गई है, ताकि दिल की बीमारियों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाया जा सके और मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके.

एनसडीओ डॉ उर्मिला कुमारी ने किया ईसीजी कॉर्नर का निरीक्षण

सदर अस्पताल में सोमवार को गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने ईसीजी कॉर्नर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेवा की गुणवत्ता, रिपोर्टिंग प्रक्रिया और तकनीकी संचालन की बारीकियों का मूल्यांकन किया. उन्होंने बताया कि अब तक कुल 125 मरीजों की ईसीजी जांच की जा चुकी है.

ईसीजी सेवा क्यों है आवश्यक, ईसीजी जांच हृदय की विद्युत गतिविधियों को रिकॉर्ड करती है और इससे दिल की धड़कनों में अनियमितता, हृदयघात के लक्षण, रक्त संचार में रुकावट या अन्य गंभीर रोगों की जानकारी तुरंत मिलती है. डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया कि यह सेवा विशेष रूप से ऐसे मरीजों के लिए उपयोगी है जिन्हें सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई या उच्च रक्तचाप जैसी शिकायतें होती हैं. पहले ऐसे मरीजों को निजी क्लिनिक या दूरदराज के अस्पतालों में जांच के लिए जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही सुलभ है. उन्होंने आमजनों से अपील किया कि यदि किसी को सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, थकान, या हृदय गति असामान्य लगती है तो तुरंत सदर अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य जांच व ईसीजी कराएं.

अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि जिन मरीजों में हृदय गति अनियमितता या अन्य आपात लक्षण देखे गए, उन्हें प्राथमिकता पर इलाज उपलब्ध कराया गया. यह आंकड़ा आने वाले समय में और बढ़ेगा, क्योंकि अब ओपीडी में भी ईसीजी सुविधा को नियमित किया जा रहा है.

विल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि किशनगंज सदर अस्पताल में ईसीजी कॉर्नर की स्थापना और उसका सफल संचालन, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है.

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By AWADHESH KUMAR

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