सावन की पवित्र सोमवारी पर जहां एक तरफ श्रद्धालु अहले सुबह से बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए आस्था के साथ शिवालयों की ओर बढ़ रहे थे, वहीं किशनगंज जिले के पौआखाली नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई. नगर के वार्ड संख्या आठ स्थित हाईस्कूल रोड के सिन्हा टोला में सड़क किनारे डंप किए गए कचरे का समय पर उठाव नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को भारी दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर मंदिर जाने पर मजबूर होना पड़ा. इस लचर व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में गहरा रोष देखा गया.
मंदिरों के मुख्य मार्ग पर लगा रहा कचरे का अंबार
पौआखाली नगर के वार्ड आठ स्थित सिन्हा टोला मार्ग से होकर श्रद्धालु इलाके के प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं. सोमवार को बाजार से लाकर डंप किए गए कचरे का दोपहर 12 बजे तक सफाई कर्मियों द्वारा उठाव नहीं किया गया. इसके चलते सड़क किनारे कचरे का बड़ा ढेर लगा रहा और पूरे इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई. श्रद्धालुओं को इसी रास्ते पर स्थित अजीतेश्वर शिवालय, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर और बाभन मंदिर आने-जाने के दौरान इस फैली हुई गंदगी और बदबू का सामना करना पड़ा.
धार्मिक पर्व पर सफाई न होने से श्रद्धालुओं में नाराजगी
सावन की सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए निकलते हैं. श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्व-त्योहारों के दिन नगर प्रशासन को मुख्य आवागमन वाले रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए थी. कम से कम मंदिरों को जोड़ने वाले मार्गों से सुबह ही कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए था, लेकिन दोपहर तक सफाई न होने से पूजा-अर्चना के लिए जा रहे लोगों की आस्था और सुविधा दोनों प्रभावित हुईं.
नियमित सफाई और विशेष अभियान चलाने की मांग
सड़क पर फैली गंदगी और दुर्गंध से परेशान स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि नगर क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए और प्रमुख धार्मिक अवसरों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए. लोगों ने मांग की है कि कचरा डंपिंग और उठाव का समय तय हो, ताकि श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को गंदगी के बीच से होकर गुजरने की मजबूरी न झेलनी पड़े.
