किशनगंज : उत्तराखंड के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर किशनगंज में कांग्रेस ने विरोध जताया. जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर घटना की निंदा की गयी. मार्च में किशनगंज के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
‘शुद्धिकरण’ की घटना को बताया सामाजिक भेदभाव
जिला कांग्रेस अध्यक्ष की अगुवाई में निकाले गये कैंडल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित घटना को दलित समाज के सम्मान, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया. नेताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देती हैं.
सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि और राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल का इस तरह कथित ‘शुद्धिकरण’ किया जाना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं संविधान की मूल भावना और सामाजिक समरसता के लिए चिंता का विषय हैं.
कार्रवाई की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की. सांसद ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी. जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया जाएगा.
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल
कैंडल मार्च में पूर्व जिलाध्यक्ष इमाम अली चिन्टु, युवा जिलाध्यक्ष मो. आजाद साहिल, अरुण साहा, प्रोफेसर मसव्विर आलम, जुल्फीकार अली, सरफराज खान रिंकू, जावेद प्रधान समेत कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए.
