सशस्त्र सीमा बल (SSB) रानीडांगा क्षेत्रक मुख्यालय के उप महानिरीक्षक (DIG) एस. के. सारंगी ने मंगलवार को 19वीं वाहिनी के अंतर्गत आने वाले भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बीओपी तवालविता एवं बीओपी खटखटी का औचक दौरा कर सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने जवानों की परिचालन क्षमता को परखा और सीमांत क्षेत्र में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
RRT टीम ने किया आधुनिक उपकरणों व CPR का प्रदर्शन
बीओपी तवालविता में तैनात रानीडांगा एसएचक्यू की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने डीआईजी के समक्ष आपातकालीन स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक संसाधनों का लाइव प्रदर्शन किया.
इस दौरान टीम ने:
- राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले हाई-टेक उपकरणों का प्रदर्शन किया.
- आपात स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की व्यावहारिक विधि दिखाई.
- डीआईजी सारंगी ने टीम के त्वरित रिस्पांस और तकनीकी दक्षता की खुले दिल से सराहना की.
सैंड मॉडल ब्रीफिंग से ली सीमा सुरक्षा की जानकारी
निरीक्षण के दौरान बीओपी कमांडर ने सैंड मॉडल (Sand Model) ब्रीफिंग के माध्यम से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, सीमा प्रबंधन, सुरक्षा तैयारियों और गश्त की रणनीति के बारे में डीआईजी को विस्तार से जानकारी दी.
डीआईजी ने जवानों से सीधा संवाद करते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की तारीफ की तथा निर्देश दिया कि:
- किसी भी आपात स्थिति या सीमा पार की संदिग्ध हलचल की सूचना मिलते ही बिना देरी के कार्रवाई की जाए.
- विषम परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नियमित मॉक ड्रिल (Mock Drill) और रिफ्रेशर ट्रेनिंग जारी रखी जाए.
सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी
दौरे के समापन पर डीआईजी एस. के. सारंगी ने बीओपी परिसर में पौधरोपण किया. उन्होंने अधिकारियों व जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
इस अवसर पर 19वीं वाहिनी के कई वरिष्ठ अधिकारी और एसएसबी के जवान मौजूद रहे.
