Bihar Elections 2025: ओवैसी ने सीमांचल से फूंका चुनावी बिगुल, बोले- मजलिस ही लड़ सकती है आपकी लड़ाई

Bihar Elections 2025: ओवैसी ने किशनगंज में आरोप लगाया कि सभी दल वक्फ संपत्तियों पर मुसलमानों का हक छीनने की कोशिश में हैं. उन्होंने कहा कि हमें बी टीम कहने वालों ने खुद संसद में चुप्पी साध ली थी जबकि मजलिस ने खुलकर इसका विरोध किया. जब तक सरकार यह काला कानून वापस नहीं लेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

असदुद्दीन ओवैसी

Bihar Elections 2025: किशनगंज जिले के बहादुरगंज कॉलेज मैदान में शनिवार को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन कानून के विरोध में जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि यह कानून भारतीय संविधान की भावना के खिलाफ है और मुसलमानों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करता है. उन्होंने केंद्र सरकार के साथ-साथ नीतीश कुमार, चिराग पासवान, चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस और राजद पर भी जमकर निशाना साधा.

वोटरों से की अपील

सभा में ओवैसी ने सीमांचल क्षेत्र को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह इलाका अब तक उपेक्षित रहा है. उन्होंने सीमांचल को विकसित बनाने के लिए मजलिस पार्टी को समर्थन देने की अपील की. ओवैसी ने कहा कि बाकी दल जब वोट मांगने आएं तो उनकी दौलत जरूर लीजिए लेकिन वोट पतंग छाप को दीजिए.

जाति जनगणना पर क्या बोले

असदुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि वे बिहार विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर लड़ेंगे और अभी किसी दल के साथ गठबंधन की कोई योजना नहीं है. जातीय जनगणना को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि मुसलमानों की स्थिति सबसे ज्यादा पिछड़ी होने के कारण ही रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई.

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पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

सभा की शुरुआत में ओवैसी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और इस हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय देश को एकजुट रहना चाहिए.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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