वर्षों से संकरी और सिंगल/दो-लेन सड़क के रूप में उपयोग हो रहे खोरीबाड़ी–घोषपुकुर मार्ग का अब कायाकल्प होने जा रहा है. पश्चिम बंगाल पीडब्ल्यूडी के अधीन रहे इस महत्वपूर्ण सड़क खंड के उन्नयन और चौड़ीकरण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने औपचारिक टेंडर (RFP) जारी कर दिया है.
लगभग 12.312 किलोमीटर लंबे इस खंड के निर्माण से न केवल पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों, बल्कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र—विशेषकर किशनगंज, ठाकुरगंज और अररिया जिले के लोगों को आवागमन में सीधी और बड़ी राहत मिलेगी.
बागडोगरा हवाई अड्डे और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए लाइफलाइन
अररिया से NH-327E के रास्ते गलगलिया पहुंचने के बाद बालूगुड़ा से पूर्व दिशा की ओर खोरीबाड़ी होते हुए घोषपुकुर जाने वाला यह मार्ग सीधे NH-27 से जुड़ता है. सीमांचल क्षेत्र से बागडोगरा हवाई अड्डे की यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों और मरीजों के लिए यह सड़क सबसे सुगम और पसंदीदा मार्ग मानी जाती है.
दिल्ली सहित देश के अन्य महानगरों से आने वाला भारी यातायात NH-27 के रास्ते अररिया और फिर गलगलिया पहुंचता है. यहां से एक रास्ता नक्सलबाड़ी होकर सिलीगुड़ी-बागडोगरा निकलता है, जबकि दूसरा खोरीबाड़ी–घोषपुकुर होते हुए पुनः फोरलेन NH-27 में मिल जाता है. यह मार्ग असम और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को जोड़ने वाला मुख्य कॉरिडोर है.
₹279 करोड़ की अनुमानित बोली लागत, HAM मोड में होगा निर्माण
बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए NHAI ने इस 12.312 किलोमीटर लंबे खंड को 2/4-लेन पेव्ड शोल्डर के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया है.
परियोजना की मूल अनुमानित लागत 232.42 करोड़ रुपये तय की गई है, जबकि SFC/PPAC के अनुसार जीएसटी रहित अनुमानित बोली लागत 279.65 करोड़ रुपये रखी गई है. इस परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत कराया जाएगा.
नवंबर में खुलेगी तकनीकी बिड, निविदा प्रक्रिया शुरू
एनएचएआई ने 15 सितंबर को परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है.
निर्माण एजेंसियों के लिए निविदा जमा करने की अंतिम समय-सीमा 2 नवंबर को सुबह 11:00 बजे तक निर्धारित की गई है. इसके अगले दिन यानी 3 नवंबर को सुबह 11:00 बजे तकनीकी बिड खोली जाएगी. वर्तमान में टेंडर प्रक्रियाधीन है और तकनीकी मूल्यांकन के बाद कार्यदायी एजेंसी का चयन किया जाएगा.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी हुई तेज, 11 गांव शामिल
सड़क के चौड़ीकरण को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है. भारत सरकार के राजपत्र में NH-327C के शून्य से 12.358 किमी तक के हिस्से के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है.
राजपत्र अधिसूचना में दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा और खोरीबाड़ी प्रखंड के गांवों को चिह्नित किया गया है, जिसमें अकेले खोरीबाड़ी अंचल के 11 गांव शामिल हैं. जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा होते ही चयनित एजेंसी को कार्यस्थल सौंप दिया जाएगा.
सीमांचल से बंगाल तक व्यापार और कनेक्टिविटी को लगेंगे पंख
वर्षों से सीमित चौड़ाई और भारी वाहनों के दबाव के कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम और हादसों की समस्या बनी रहती थी.
सड़क के 2/4-लेन पेव्ड शोल्डर में तब्दील होने से न केवल बागडोगरा एयरपोर्ट और सिलीगुड़ी पहुंचने में समय की भारी बचत होगी, बल्कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर और असम जाने वाले लंबी दूरी के वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही भी सुरक्षित और फर्राटेदार हो जाएगी.
