विधानसभा में गूंजा सूरजापुरी मुसलिमों के आरक्षण का मुद्दा

किशनगंज : विधान सभा में सूरजापुरी मुसलिम को अत्यंत पिछड़ी जाति में शामिल की आवाज बुलंद किया. सदन में विधायक कोचाधामन के अनुपस्थित रहने के कारण किशनगंज विधायक डा मो जावेद ने इस मुद्दे को उठाया जिसे विधायक कोचाधामन मास्टर मुजाहिद आलम ने अपने बदले सवाल उठाने हेतु अधिकृत किया था.सरकार की ओर से पिछड़ा […]

किशनगंज : विधान सभा में सूरजापुरी मुसलिम को अत्यंत पिछड़ी जाति में शामिल की आवाज बुलंद किया. सदन में विधायक कोचाधामन के अनुपस्थित रहने के कारण किशनगंज विधायक डा मो जावेद ने इस मुद्दे को उठाया जिसे विधायक कोचाधामन मास्टर मुजाहिद आलम ने अपने बदले सवाल उठाने हेतु अधिकृत किया था.सरकार की ओर से पिछड़ा अति पिछड़ी कल्याण मंत्री सह-उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सदन को बताया उक्त मामला अत्यंत पिछड़ा जाति आयोग में विचाराधीन हैं.

सूरजापुरी मुसलिम की एक बड़ी आबादी बिहार के किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया एवं पश्चिम बंगाल में है. सूरजापुरी मुस्लिम आर्थिक, शैक्षणिक तौर पर काफी पिछड़ा हैं.वर्ष 2003 में बिहार सरकार ने सूरजापुरी मुसलिम को पिछड़ी जाति में शामिल किया था.पिछले कई वर्षों से इसे अत्यन्त पिछड़ी जाति में शामिल करने की मांग की जा रही है.विधायक कोचाधामन ने बताया कि सुरजापुरी मुस्लिम अत्यन्त पिछड़ी जाति में शामिल कराने हेतु हर संभव पहल किया जायेगा जो कि उसका वाजिब हक हैं.
06 मार्च 2017 को कोचाधामन विधायक मुजाहिद आलम ने बिहार विधानसभा में तारांकित प्रश्न संख्या 891 के द्वारा किशनगंज जिला अन्तर्गत कोचाधामन प्रखण्ड में सिंघाड़ी सरकारी कब्रिस्तान की चहारदीवारी नही रहने से कब्रिस्तान की जमीन अतिक्रमित किया जा रहा है, इसी को लेकर उठाया मामला. मंत्री , गृह विभाग, सरकार उक्त कब्रिस्तान की घेराबन्दी का विचार रखती हैं. 07 मार्च 2017 को विधानसभा में विधायक मुजाहिद आलम ने बिहार विधानसभा में तारांकित प्रश्न संख्या 956 के द्वारा किशनगंज जिला अन्तर्गत कोचाधामन प्रखण्ड के कमलपुर पंचायत के नया प्राथमिक विद्यालय, नईम टोला काशीबाड़ी एवं बगलबाड़ी पंचायत के नया प्राथमिक विद्यालय डहुआ में भूमि उपलब्ध है. परन्तु अभी तक स्कूल के भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया हैं.
07 मार्च 2017 को कोचाधामन विधानसभा के विधायक मुजाहिद आलम ने बिहार विधानसभा में तारांकित प्रश्न संख्या 989 के द्वारा मुख्यमंत्री छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मैट्रिक प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी से पास अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को क्रमशः दस हजार एवं आठ हजार प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं, जबकि इसके समकक्ष बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से फौकनिया प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी से पास अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को उक्त योजना का लाभ नहीं मिलता है. मंत्री , शिक्षा विभाग ने जवाब में कहा कि सरकार अल्पसंख्यक छात्र – छात्राओं को उक्त योजना का लाभ देने का विचार विचार रखती है.

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