चचरी पुल, नाव के सहारे जिंदगी

टेढ़ागाछ : कहते हैं कि क्षेत्र के विकास की रीढ़ पुल व सड़कें होती हैं. इसी बुनियाद पर सरकारें पुल व सड़कों का निर्माण कार्य करा कर अपने विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाती है. मगर देखा जाये, तो शासन की अनदेखी का नतीजा है कि टेढ़गाछ और बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के अति महत्वपूर्ण कौल नदी […]

टेढ़ागाछ : कहते हैं कि क्षेत्र के विकास की रीढ़ पुल व सड़कें होती हैं. इसी बुनियाद पर सरकारें पुल व सड़कों का निर्माण कार्य करा कर अपने विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाती है. मगर देखा जाये, तो शासन की अनदेखी का नतीजा है कि टेढ़गाछ और बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के अति महत्वपूर्ण कौल नदी पर लौचा घाट में निर्माणाधीन उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है. जुरैल से लौचा पथ में बन रहे कोल नदी पर पुल का निर्माण कार्य कुछुआ गति से चला हुआ है.

ऐसे में टेढ़ागाछ वासी को बरसात से पहले पुल की सुविधा नहीं मिल पायेगी. पुल की आधारशिला 11 फरवरी 2012 को रखी गयी थी और कार्य समाप्ति की तिथि 10 फरवरी 2014 को ही थी. करीब दो वर्षों से अधिक समय बीतने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. प्राक्कलित राशि 2934.72 लाख रुपये से बनने वाले पुल के निर्माण कार्य पूरा करने के लिए विभाग की ओर से ठेकेदार को एक साल का समय दिया गया था. लेकिन निर्माण कार्य बड़ी धीमी गति से किया जा रहा है. टेढ़ागाछ प्रखंडवासियों के लिए नाव ही सहारा है. नाव की यात्रा शौक नहीं इनकी मजबूरी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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