बिचौलिये खपा रहे नेपाली नागरिकों के रुपये

दिघलबैंक : एक तरफ जहां लोग पैसे की किल्लत को लेकर परेशान हैं, वहीं स्टेट बैंक के धनतोला शाखा में बिचौलिये हावी हैं. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बैंकों में इन दिनों नेपाली नागरिकों के पैसे बिचौलियों के माध्यम से खपाये जा रहे हैं. इसके कारण स्थानीय लोगों को अपने पैसा की निकासी में काफी परेशानी […]

दिघलबैंक : एक तरफ जहां लोग पैसे की किल्लत को लेकर परेशान हैं, वहीं स्टेट बैंक के धनतोला शाखा में बिचौलिये हावी हैं. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बैंकों में इन दिनों नेपाली नागरिकों के पैसे बिचौलियों के माध्यम से खपाये जा रहे हैं. इसके कारण स्थानीय लोगों को अपने पैसा की निकासी में काफी परेशानी झेलने पड़ रही है.

कतार पर खड़े लोगों ने बताया कि वे सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं लेकिन पैसा उन्हें नहीं मिल पाता है. बिचौलिये लाइन की परवाह किये बगैर बैंक में प्रवेश करते हैं और रुपये लेकर चले जाते हैं. इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि बिचौलियों की बैंक कर्मियों से विशेष सांठ-गांठ है. वहीं ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारी उलटे लाइन में लगे लोगों को ही डांटते रहते हैं. तीन दिनों से पैसे निकासी के लिए बैंक आकर और दिन-दिन भर लाइन में खड़ा रहने के बाद भी लोग बिना निकासी के वापस लौट कर जा रहें हैं. सोमवार शाम पांच बजे बैंक के भीतर सैकड़ों के तादाद में लोग ज़मीन पर बदहवास हालात में बैठे मिले,

जिसमें महिलाएं अधिक थी़ जो सुबह ही कतार पर खड़ी थी. लेकिन अंधेरा होने के बाद भी इन लोगों को राशि नहीं मिल सका था. जबकि लाइन में खड़े लोगों ने बताया कि हम लोगों को दोपहर के बाद से बैंक के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है. स्थानीय निवासी अरविन्द कुमार गणेश ने बताया कि इस शाखा में बिचौलिओं का बोल-बाला है. जिसकी सेटिंग है वो प्रत्येक दिन राशि निकाल कर ले जा रहें है जबकि आम लोगों पर कई प्रकार के नियम लगाकर उन्हें राशि से वंचित किया रहा है जबकि सुरक्षा में तैनात अधिकारी भी ऐसे लोगों को नहीं रोकते जो बार बार राशि निकाल कर जा रहे है.जबकि राशि निकलने और जमा कराने आये लोगों ने बताया कि बैंक के भीतर लगे सीसीटीवी की जांच करायी जाये तो बहुत कुछ निकलकर सामने आ जायेगा कि किस प्रकार से यहां लोगों को परेशान किया जा रहा है,महिलाएं छोटे- छोटे बच्चों के साथ सुबह से बैंक में अपने बारी के इंतजार में हैं. लोग पूरी रात बैंक के बाहर खुले आसमान में समय काट कर अपनी बारी का इंतजार करते है. किसान असफाक आलम ने बताया कि पिछली फसल बेचकर कुछ रुपयों से लोगों का कर्ज चुकता कर दिया और अगली फसल,खर्च को रूपये घरों में रखे थे. अचानक नोट बंद होने से घर में रखे 500-1000 के नोट पड़ा है. उन्होंने बताया कि एसबीआई धनतोला शाखा में तैनात पुलिस पदाधिकारी की सह पर कुछैक बिचौलिया हाबी है. दिनभर हमलोग लाइन पर खड़े है लेकिन बाद में आने वालों को बैंक के अंदर भेज देता और वह आसानी से पैसा निकासी कर चले जाते है और हमलोग इंतजार की करते रहते है. लाइन में खड़े लोगों ने तैनात पुलिस पदाधिकारी की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करने की बात कही. शाखा प्रबंधक प्रमेन्द्र सिंह ने बताया कि यहां के स्थानीय लोगों को हम कुछ कह नहीं सकते हैं, सुरक्षा में पुलिस तैनात है. उनकी जिम्मेवारी बनती है कि सही तरीके से पंक्तिबद्ध लोगों को प्रवेश करने दें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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