परेशानी. जिलावासी मंगलवार को भी पुराने नोटों को बदलने के लिए मशक्कत करते रहे
अपनी बारी का इंतजार करती महिलाएं.
किशनगंज के लोगों को नहीं मिला नया नोट, पुराने 100 रुपये के नोट से करना पड़ा संतोष ़
किशनगंज : 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के आठ दिन बाद भी जब बैंक खुले तो वहां लोगों की लंबी लाइनें अहले सुबह से देखी गयी. लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए नये नोट पाने और छोटी राशि के नोट के लिए मशक्कत करते दिखे. बैंकों के एटीएम केंद्र खुलने के भी लोगों की लंबी कतार कम होने का काम नहीं ले रहा है.
बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखे. हालांकि सरकार ने उन्हें सीमित मात्रा में ही नोट बदलने की अनुमति दी है. लोगों की शिकायत है कि लंबी लाइनों के चलते अपने खाते में राशि जमा कराने अथवा निकालने में उन्हें काफी समय लग रहा है. लोगों को पुराने नोट जमा करने, बदलवाने ओर तय रकम निकलवाने की कोशिश में लग गए. बैंकों में बढ़ती भीड़ को देखकर बड़ी संख्या में लोग एटीएम केंद्र के बाहर भी अहले सुबह से जमे रहते हैं. कतार में खड़े कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को पुराने नोट बंद करने की घोषणा करने से पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थी. हालांकि बैंकों द्वारा दिन में तीन से चार बार एटीएम में नोट डाला जाता है. लेकिन नोट डालते हैं कुछ देर के बाद एटीएम का पैसा खाली हो जाता है. शहर के एसबीआइ मुख्य शाखा गांधी चौक, एसबीआइ शाखा पश्चिमपाली और कैलटैक्स चौक, कोरपोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी, देना बैंक, एक्सिस बैंक, इंडिया बैंक शाखाओं के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे.
सारे एटीएम करने लगे काम
बैंकों ने कहा कि अब एटीएम सामान्य ढंग से काम करने लगा है. उनसे निकासी की मौजूदा 2000 रुपये की सीमा को बढ़ाकार 4000 रुपये कर दिया जायेगा.
