बिन ब्याही मां बनी पीड़िता, आरोपी पुलिस पकड़ से दूर

किशनगंज : अपने पड़ोस में ही रहने वाले शिक्षक के हवस का शिकार बनने के बाद इंसाफ की राह ताकते बुरी तरह से टूट चुकी 14 वर्षीय पीड़िता शुक्रवार रात्रि एक बच्ची को जन्म देकर बिन ब्याही मां बन गयी. जबकि स्थानीय पुलिस मामले के आरोपी शिक्षक दुलाल सिन्हा को अब तक गिरफ्तार करने में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 3, 2016 7:35 AM

किशनगंज : अपने पड़ोस में ही रहने वाले शिक्षक के हवस का शिकार बनने के बाद इंसाफ की राह ताकते बुरी तरह से टूट चुकी 14 वर्षीय पीड़िता शुक्रवार रात्रि एक बच्ची को जन्म देकर बिन ब्याही मां बन गयी. जबकि स्थानीय पुलिस मामले के आरोपी शिक्षक दुलाल सिन्हा को अब तक गिरफ्तार करने में नाकाम है. शुक्रवार संध्या अचानक प्रसव पीड़ा के उपरांत परिजनों ने नाबालिग को सुरक्षित प्रसव के लिए स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया़

परंतु समय पूर्व प्रसव होने तथा रक्त की अल्पता के साथ साथ उच्च रक्तचाप से जूझ रही पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करने से अस्पताल प्रशासन भी आनाकानी करने लगा. अस्पताल कर्मी पुलिस केश होने के कारण भी मरीज पर हाथ लगाने से कतरा रहे थे़ एसडीपीओ कामिनी वाला के निर्देश पर सदर अस्पताल पहुंची महिला

थानाध्यक्ष महाश्वेता सिन्हा की उपस्थिति में डाॅ शबनम यास्मीन की देखरेख में पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया़ परंतु बच्चे के अति कुपोषित होने के कारण उसे फौरन एमजीएम कॉलेज रेफर कर दिया गया़ जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है़ आरोपी शिक्षक दुलाल सिन्हा के साथ साथ नामजद आरोपी सुभाष घोष, संजीव सिन्हा व आरोपी के ससुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शुक्रवार रात्रि भी छापेमारी की़

जल्द हो गिरफ्तारी
किशनगंज ़ नाबालिग युवतियों को डरा धमका कर जबरन उनका यौन शोषण करने वाले आरोपियों को जितनी भी सजा दी जाये, वह कम है़ ये बातें विधान पार्षद सह एमजीएम के निदेशक डाॅ दिलीप जायसवाल ने कही़ उन्होंने पुलिस की कार्य प्रणाली पर अंगुली उठाते हुए कहा कि अब तक नामजद आरोपियों काे गिरफ्तार न होना ही पुलिस की कार्यप्रणाली को स्वत: बयां कर रही है़ श्री जायसवाल ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ साथ पीड़िता व उसकी बच्ची को अविलंब न्याय दिये जाने की मांग की है़