किशनगंज : शराब पर प्रतिबंध के बाद प्रखंड में मादक पदार्थों के इस्तेमाल की प्रवृत्ति खतरनाक ढंग से बढ़ती जा रही है. प्रतिबंध के बाद भी शराब तो आराम से उपलब्ध है ही गांजा, हेरोइन और चरस जैसे नशे की तरफ लोगों का झुकाव लगातार देखा जा रहा है. युवाओं में इन चीजों के इस्तेमाल की आदत ज्यादा बढ़ी है. नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में तो खुलेआम हेरोइन की बिक्री की खबरें है. पिछले छह माह से ये खबरें आम है.
हेरोइन, चरस व गांजे जैसे मादक पदार्थों का चल रहा धंधा
किशनगंज : शराब पर प्रतिबंध के बाद प्रखंड में मादक पदार्थों के इस्तेमाल की प्रवृत्ति खतरनाक ढंग से बढ़ती जा रही है. प्रतिबंध के बाद भी शराब तो आराम से उपलब्ध है ही गांजा, हेरोइन और चरस जैसे नशे की तरफ लोगों का झुकाव लगातार देखा जा रहा है. युवाओं में इन चीजों के इस्तेमाल […]

परंतु प्रशासन की चुप्पी से आम जन हैरत में है. जानकारों की यदि माने तो गांधी मैदान और बस पड़ाव का इलाका हेरोइन विक्रेताओं का सबसे पसंदीदा प्वाइंट है. नेपाल से लाकर हेरोइन बेचने वाले गिरोह का सरगना यहां से ही अपने धंधे का संचालन करता है. न सिर्फ ठाकुरगंज बल्कि इस्लामपुर, किशनगंज और दालकोला तक इस गिरोह द्वारा हेरोइन की सप्लायी की जाती है.
ठाकुरगंज में इस गिरोह के चंगुल में ज्यादातर युवक जिसमें वाहन चालक, कई संभ्रांत घरों के युवकों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इस गिरोह के चंगुल में फंसते जा रहे है. ज्यादातर युवक मादक पदार्थों का सेवन शौक तथा फैशन के लिए शुरू करते हैं, पर धीरे-धीरे उन्हें कब इसकी आदत लग जाती है, पता भी नहीं चलता.
उनका शरीर और दिमाग उस मादक पदार्थ पर निर्भर हो जाता है. मादक पदार्थों के सेवन के बिना उन्हें कुछ भी अच्छा नहीं लगता. यदि उनका सेवन नहीं करे तो शरीर में दर्द, बेचैनी और तरह-तरह की बीमारियां शुरू हो जाती हैं.