दिघलबैंक : दिघलबैंक प्रखंड के कछुनाला सनी गांव में रात के 9:00 बजे एक राहगीर ने सड़क किनारे बच्चे के रोने की आवाज सुनी. हिम्मत जुटाकर जब वह उस बच्चे तक पहुंचा, तो उसे समझते देर नहीं लगी कि किसी कलयुगी मां ने अपनी दुधमुंही बच्ची को लोकलाज या पाप छुपाने के भय से सड़क किनारे फेंक दिया है. तुरंत उसने उस बच्चे को अपना संरक्षण दिया और चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दी. चाइल्ड लाइन ने भी सक्रियता दिखाते हुए तुरंत उस व्यक्ति से बात की बच्चा स्वस्थ था फिर भी बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टप्पू लाया गया.
आज सुबह इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गयी तथा बच्चे को बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल किशनगंज लाया गया दिन भर के चिकित्सकीय परीक्षण तथा परामर्श के बाद डॉक्टर की टीम ने बच्चे को ले जाने की अनुमति दी. सभी जरूरी कागजी कार्यवाही करने के बाद बच्ची को स्टेट एडॉप्शन एजेंसी 60 के नजदीकी सेंटर कटिहार भेजा गया कचनारा निवासी मोहम्मद इलियास किसी फरिश्ते से कम उस बच्चे के लिए नहीं था जिस ने ना सिर्फ बच्चे की जान बचायी उसे संरक्षण दिया और उसे कानूनन अपने गंतव्य तक पहुंचाने में पूरे चाइल्ड लाइन की मदद की इस काम में बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक प्यारे माझी बाल संरक्षण पदाधिकारी संदीप भारती चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक अधिवक्ता पंकज कुमार झा टप्पू चाइल्ड लाइन के टीम सदस्य नंदकिशोर कर्मकार लक्ष्मी प्रसाद यादव राधा कुमारी तथा बाल संरक्षण कार्यालय के सभी कर्मी ने अपनी महती भूमिका निभायी.
