दिघलबैंक : नेपाल सीमा से सटे दिघलबैंक प्रखंड में जंगली हाथी का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक महीने के भीतर दूसरी बार सीमा से सटे करूवामनी पंचायत के सुरिभिट्टा, बारहभांग एवं बमटोली गांव में जंगली हाथियों का उत्पात जारी है. बीती रात को करीब तीन बजे नेपाल के जंगलों से आये पांच जंगली हाथियों ने सुरिभिट्टा गांव में जम कर उत्पात मचाया एवं कई एकड़ में लगे मकई व केले की फसल को रौंद डाला. साथ ही दो कच्चे मकानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इलाके में दहशत का माहौल है.
सुरिभिट्टा बारहभांग गांव निवासी पूरण लाल सिंह पिता मोहर सिंह के दो कच्चे घरों को हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया. पीड़ित परिवार वालों ने बताया कि वह रात्रि घर में सो रहे थे कि अचानक घर गिरने की आवाज सुनाई दी. किसी तरह हम लोग अपनी जान बचाये. वहीं हाथियों द्वारा घर में रखे अनाज को भी बर्बाद कर दिया गया.
मध्य रात्रि का अंधेरा, बढ़ती ठंड और घने कोहरे में लोग घर से बहार निकलना मुनासिब नहीं समझे. घरों में ही सभी लोग इकट्ठा होकर रातजगा कर किसी तरह रात बितायी. ग्रामीणों की मानें तो पांच की संख्या में आये हाथियों के झुंड ने घंटों उत्पात मचाया, फिर सभी हाथी नेपाल की ओर चले गये. नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र घेराबाड़ी, पथरिया, चाय बागान में भी हाथियों का उत्पात जारी रहा.
