दस्त व मियादी बुखार के लिए जिंक व ओआरएस है जीवन रक्षक घोल, बचाती है लोगों की जिंदगी

दस्त व मियादी बुखार के लिए जिंक व ओआरएस है जीवन रक्षक घोल, बचाती है लोगों की जिंदगी

गोगरी. अनुमंडलीय अस्पताल के तहत आने वाले सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्रप्रकाश व प्रबंधक रूपक कुमार के संयुक्त नेतृत्व में डायरिया से शिशु मृत्यु को शून्य करने एवं बच्चों में कुपोषण को कम करने के लिए दस्त रोकथाम अभियान की शुरुआत की. अभियान का उद्देश्य डायरिया की जानकारी एवं डायरिया की रोकथाम को लेकर ओआरएस तथा जिंक के स-समय उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक किया जाना है. इसके लिए आमजनों में व्यापक जागरूक करने की जरूरत है.

कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्रप्रकाश ने कहा कि दस्त रोकथाम अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर सभी अधिकारियों व कर्मियों को दिशा निर्देश दिया गया है. इस दौरान डीपीएम, एनएचएम समेत अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मी उपस्थित थे. सफाई और स्वच्छता, पीने का स्वच्छ पानी, पहले छह महीने के लिए विशेष स्तनपान, विटामिन ए की खुराक, लो-ऑस्मोलैरिटी ओआरएस, जिंक और निरंतर खान-पान, रोटावायरस से बचाव के लिए टीकाकरण. हाथों को साबुन से कब धोएं, शौचालय जाने के बाद, कूड़ा या जानवरों को छूने के बाद, बच्चों का मल साफ करने के बाद, खाना पकाने से पहले, खाने से पहले व बच्चों को खाना खिलाने से पहले.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि यदि इस प्रकार की कोई भी लक्षण दिखायी देता है, तो स्थानीय लोग तत्काल अपने क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर पहुंचकर मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी से ओआरएस और जिंक लेना शुरू कर दें. ये जरूरी है. उन्होंने बताया कि सभी केंद्र पर पर्याप्त संख्या में ओआरएस और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित करा दिया गया हैं. एक दिन में तीन या तीन से ज्यादा बार दस्त होने को डायरिया कहते हैं. दस्त से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. खाना बनाने से पहले, बच्चों को खाना खिलाने के बाद, शौच के बाद और बच्चे का मल-मूत्र साफ करने के बाद अपने हाथों को साबुन से धोना जरूरी है. यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि पीने का पानी साफ हो और एक सुरक्षित व ढंके हुए कंटेनर में रखा हो. हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करना चाहिए, खुले में शौच से बचना चाहिए. ओआरएस के एक पैकेट को एक लीटर साफ पानी में घोलना चाहिए. दस्त शुरू होते ही और दस्त के प्रत्येक प्रकरण के बाद बच्चे को तुरंत ओआरएस देना चाहिए. एक चम्मच पानी में या मां के दूध में जिंक की गोली मिलाकर बच्चे को दिन में एक बार पूरे 14 दिनों तक देना जरूरी है. दस्त के दौरान और बाद में बच्चे को खिलाते रहना चाहिए और स्तनपान भी जारी रखना चाहिए. ओआरएस और जिंक का सेवन बच्चों के जीवन की रक्षा कर सकता है.

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By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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