युवा बेरोजगार न हो, बेरोजगार युवाओं के लिए हमारे पास है विजन
खगड़िया. शहर के संसारपुर खेल मैदान में रविवार को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि बिहार मधुरता, मखाना और पवित्रता की जगह है. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि आज के लोग बेरोजगार नहीं हो, क्योंकि बेरोजगारी अधर्म के रास्ते पर ले जा सकती है. बिहार में अधिक-से-अधिक रोजगार मिले और यहां एक भी युवा बेरोजगार न हो. बेरोजगार युवाओं के लिए हमारे पास विजन है, हम सबको तरह-तरह का स्किल सिखायेंगे, जिनको जो सीखना है, वो सीखें और जिनको नौकरी चाहिए, हम वहां भी देंगे. महासत्संग के दौरान श्री श्री रविशंकर के साथ सांसद राजेश वर्मा, पूर्व विधायक पूनम देवी यादव, नगर सभापति अर्चना कुमारी, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. स्वामी विवेकानंद, उनकी पत्नी मालती, पूर्व नगर सभापति मनोहर यादव, इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार, समाजसेवी हेमंत कुशवाहा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.ओम के उच्चारण के साथ प्रकृति, माता-पिता व गुरुजनों का कराया ध्यान
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व जिन समस्याओं से जूझ रहा है, उनमें सबसे बड़ी समस्या मानसिक स्वास्थ्य की है. उन्होंने श्रोताओं को ओम के उच्चारण के साथ आंख बंद कर 10 मिनट तक ध्यान करावाएं, ध्यान कराते समय उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास और समृद्धि के लिए आने वाली चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक है और ऐसा केवल ध्यान के माध्यम से किया जा सकता है. ध्यान जीवन की गहरी समझ लाता है. योग के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि इससे रोग निरोधक शक्ति बढ़ जाएगी. इसके लिए प्राणायाम, ध्यान आवश्यक है, उन्होंने कहा कि इस धरती से हमें सब कुछ मिलता है, इसे नमन करें और आभार प्रकट करें, धरती है तो सूरज भी है. सूरज को भी धन्यवाद करें ओम के उच्चारण के साथ, जल के बिना जीवन नहीं, शरीर में 70 प्रतिशत जल है. नदियों व जल श्रोतों को भी धन्यवाद करें. अपने पुरखों को याद करें, अपने वंशज माता-पिता, गुरुजन को नमन करें.आप मुझे गुरु दक्षिणा में दुख दो..मैं आपको खुशहाली दूंगा
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री ने कहा कि जाति, धर्म व भेदभाव भूला कर एक साथ चलने वाली हमारी संस्कृति है, जो हमें अच्छा नहीं लगता उसे दूसरों के लिए भी न करें, एक दूसरे के काम आएं. कोई भेदभाव, इष्र्या, द्वेष अपने मन में न रखें, गुरुदेव ने खगड़ियावासियों से दक्षिणा मांगी और कहा कि दक्षिणा में अपने मन के दुख-दर्द, पीड़ा, द्वेष और समस्या सब हमें देकर घर जाइये. कहा मैं आप सब के चेहरे पर खुशहाली देखना चाहता हूं. इसके लिए आप सब मुझे एक गुरु दक्षिणा दो…आप अपने दुख गुरुदक्षिणा में मुझे दे दो और मैं आपको खुशहाली दूंगा.युवा कला कौशल प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े, धार्मिक ग्रंथ भी पढ़े
उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए बच्चों को ऐसी कलाएं सिखाई जा रही है, इस ज्ञान के माध्यम से पुलिस लापता लोगों की जानकारी प्राप्त करते सकते हैं. बच्चे अपने ज्ञान के जरिए मैप बनाकर अपराधियों का ठिकाना भी पुलिस को बता सकती है. अगर कोई लापता है तो उसका ठिकाना भी बता सकती है.
उन्होंने कहा कि ये कोई आश्चर्य का विषय नहीं है अपनी सनातनी धार्मिक ग्रंथों में इसकी विस्तार से जानकारी दी हुई है. लेकिन आजकल हमलोग सारे ज्ञानों को मिटते जा रहे हैं. आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए इसकी शुरुआत की है. आप सभी चाहे तो कला कौशल प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ कर बच्चों के बीच इसका ज्ञान प्रकाशित करें. गुरुदेव ने कहा कि युवा जो 18 से 45 साल तक के उम्र के हैं. उन्हें कला कौशल प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ने की जरूरत है. ताकि उद्यमिता और रोजगार को घर-घर हर पुरुष और महिलाओं तक पहुंचाई जा सके.अपनी संस्कृति और धर्म को बदलने की सपने में भी ना सोचें
श्रीश्री रविशंकर रैंप पर वॉक करते हुए श्रद्धालुओं से मिले. गुरूदेव ने कहा कि आप तरह-तरह की शारीरिक पीड़ा से गुजरते हैं. उसका एक ही निदान है, योग मेडिटेशन. उन्होंने एक मेडिटेशन की क्रिया भी करवायें. कहा कि मोहम्मद गजनबी ने जिस शिवलिंग को तोड़ा था, उसी शिवलिंग के अंश शालिग्रामी शिव के हिस्से को आपके बीच लाया हूं. उन्होंने शालिग्रामी शिवलिंग का श्रद्धालुओं को दर्शन कराया. उन्होंने कहा कि कभी भी अपनी संस्कृति और धर्म को बदलने की सपने में भी ना सोचें. आजकल धर्म बदलने का धंधा चला हुआ है उससे बचें. उन्होंने कहा कि खगड़िया खूब आगे बढ़ेगा और देश में इसका बड़ा नाम होगा.
गुरुदेव को मां कात्यायनी की प्रतिमा किया भेंट
महासत्संग के आयोजनकर्ता स्वामी चैतन्य स्वामी, युवा व्यवसायी संजीव प्रकाश उर्फ पप्पू सिंह, समाजसेवी नागेंद्र सिंह त्यागी के नेतृत्व में श्री श्री रविशंकर गुरुदेव को मां कात्यायनी की प्रतिमा भेंट की गयी. शॉल देकर स्वागत किया. श्रद्धालुओं ने श्री श्री रविशंकर गुरुजी का फूल मालाओं से स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किए. गुरुदेव ने भी सभी को अंग वस्त्र भेंट कर आशीर्वाद दिए.भक्ति संगीत, ज्ञान और ध्यान सत्र हुआ आयोजित
कार्यक्रम के दौरान महासत्संग में आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से जीवन जीने की कला, मानसिक शांति और ध्यान के महत्व को प्रवचन के माध्यम से बताया गया, इसके अलावा भक्ति संगीत, ज्ञान और ध्यान सत्र भी हुआ. आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े सेवकों ने कार्यक्रम में अपनी भूमिका निभायी. आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े स्वयंसेवक युवा-युवतियां लगातार अपनी सेवा दे रहे थे, कोई आंगतुकों को चंदन टीका लगा रहा था तो कोई लोगों को बैठाने की व्यवस्था में व्यस्त दिखे. कई स्वयंसेवक सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे. मौके पर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. प्रेम शंकर, आईडीए के सचिव डॉ. कुमार देवव्रत, डॉ. जैनेंद्र नाहर, डॉ. सोहन सिंहा, साधना भगत, मीरा कुमारी, हेमंत कुशवाहा, अनूप जायसवाल, राज कुमार अग्रवाल, सुमन जायसवाल, प्रमोद केडिया, मुकेश कुमार, वरुण सिंह, सांसद प्रतिनिधि पवन जायसवाल, विजय कुमार सिंह, प्रो. अरविंद कुमार सिंह, वरीय अधिवक्ता विकास कुमार सिंह, संतोष कुमार, मुखिया कृष्ण नंदन यादव, शशि कुमार सिंह, परमानंद सिंह, कृष्णानंद यादव, भरत सिंह जोशी, मिथुन शर्मा, कारेलाल सहित जिले के हजारों लोगों ने महासत्यसंग में भाग लिया और सहयोग किया.महासत्संग की शुरुआत गणेश वंदना और शिव भजन के साथ हुई
धार्मिक भजन के साथ इसकी शुरुआत की गई. लेकिन, खगड़िया वासियों का जिस पल का इंतजार वर्षों से था वो घड़ी करीब 11 बजे आयी. जब हेलीकॉप्टर से आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री गुरु रविशंकर जी खगड़िया के कोशी कॉलेज मैदान पहुंचे. फिर सड़क मार्ग से संसारपुर मैदान पहुंचे. जहां महासत्संग में हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन को बेताब थे. आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर जैसे ही मंच पर आये, लोगों ने जयकारा लगाना शुरू कर दिया. महासत्संग की शुरुआत गणेश वंदना और शिव भजन के साथ हुईप्रल्यकारी बाढ़ में 17 वर्ष पूर्व पूर्णिया आये थे, अब बिहार के चारों विकास हुआ
श्रीश्री ने कहा कि खगड़िया के लोगों की वर्षों से मांग थी यहां आउूं. उसी निवेदन पर आज आपके बीच हूं. बहुत अपना जैसा लग रहा है. उन्होंने कहा कि बीते 17 साल पहले प्रल्यकारी बाढ़ में पूर्णिया गया था. 17 साल में बहुत कुछ बदला-बदला सा लगा. अब तो ऊंची ऊंची बिल्डिंग बन गई है. बेहतर सड़कें दिखी. यह सब देखकर बहुत खुशी हुई. उन्होंने कहा कि बिहार में मखाना होता है, खगड़िया में भी होता है क्या, यहां मक्का होते हैं, वैसे खगड़िया का मक्का देश व प्रदेश में प्रसिद्ध है. मखाना सिर्फ और सिर्फ बिहार में ही होता है. उन्होंने कहा कि बिहार में काफी प्रगति हुई है, चारों तरफ विकास दिख रहा है, हालांकि अभी और प्रगति करना बाकी है. युवाओं और महिलाओं को बेरोजगार नहीं रहना है. उन्होंने कहा कि हमारा भारत सबसे युवा देश है. जो युवा युवती अध्यात्म के क्षेत्र में आना चाहते हैं उनका स्वागत हैं. उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा.चच्पे-चच्पे पर तैनात थे पुलिस जवान
महासत्संग आयोजन को लेकर एसपी राकेश कुमार खुद मोनेटरिंग कर रहे थे. आयोजन स्थल से आस-पास जगह-जगह महिला पुलिस जवान सहित पुलिस अधिकारी को तैनात किए थे. इस आयोजन में उपसमाहर्ता आरती, डीडीसी अभिषेक पलासिया, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग ने श्रीश्री रविशंकर मिले और उनका स्वागत किया.
गुरुदेव ने सामाजिक प्रतिनिधियों से कहा बेहतर समाज का करें निर्माण
संसारपुर मैदान में महासत्संग समापन के बाद श्रीश्री रविशंकर परिषदन पहुंचे. जहां भोजन और अल्पविश्रम बाद कोशी कॉलेज मैदान के लिए निकले. जहां सामाजिक प्रतिनिधियों से मिले और आशीर्वाद भी दिये. गुरुदेव ने कहा कि आपलोग ही समाज के अंदर फैली बुराइयों को मिटा सकते हैं. बेहतर समाज निर्माण की दिशा आगे बढ़ने की पहल करें. इसके बाद गुरुदेव हवाई मार्ग से भागलपुर के लिए रवाना हो गए. महासत्संग के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति के नागेंद्र सिंह त्यागी ने सभी अधिवक्ताओं, बिजनेसमैन, उपस्थित श्रद्धालुओं, कार्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया.शहर के हजारों लोगों ने महासत्यसंग कार्यक्रम में लिया भाग
गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का कार्यक्रम शहर संसारपुर खेल मैदान में महासत्यसंग कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें हजारों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी, श्रीश्री की एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे, उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की तमन्ना हर किसी में थी. रैप के मध्यम से उन्होंने तमाम श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की और उनकी मुरादें भी पूरी की, शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने श्रीश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया. महासत्संग के दौरान संसारपुर मैदान भक्तों और श्रोताओं की भीड़ से भरा था. लोग बीच-बीच में जयकारा भी लगा रहे थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
