-मजदूरों का पलायन रोकने के लिए वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की मिली गारंटी – प्रभारी डीएम
-मजदूरी के लिए मजदूरों को नहीं करना पड़ेगा इंतजार, ऑनलाइन मिलेगी मजदूरीखगड़िया. मजदूरों का पलायन रोकने के लिए प्रतिवर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी है. बिहार सरकार के विकसित भारत-जी राम जी के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में प्रभारी डीएम सह उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने मीडिया संवाद का आयोजन किया. उन्होंने ग्रामीण आजीविका, रोजगार सृजन एवं परिसंपत्ति निर्माण से संबंधित योजनाओं की वास्तविक स्थिति एवं लाभों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी. प्रभारी डीएम श्वेता भारती ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी मनरेगा को आधुनिक बनाकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया. उन्होंने कहा कि प्रति ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी. जो पहले 100 दिन थी, इससे आय बढ़ेगी. यह योजना टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के साथ मजदूरों को रोजगार से जोड़ती है. जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर विकास होगा. उन्होंने कहा कि मजदूरों को डिजिटल और बायोमेट्रिक उपस्थिति बनानी की सुविधा मिलेगी.किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी
प्रभारी डीएम ने बताया कि विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन के तहत किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी. खेती बारी के समय 60 दिन का ब्रेक लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बुआई एवं कटाई के समय मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष 60 दिनों तक कार्य नहीं कराया जाएगा. ताकि किसानों को मजूदरों की कमी नहीं हो. उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी राम जी में 60 प्रतिशत केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत बिहार सरकार खर्च करेगी. पहले की तरह सोशल ऑडिट होगा. अब मजदूरों को पेमेंट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.फिलहाल पुराने दर पर मिलेगी मजदूरी
जी राम जी के तहत काम करने वाले मजदूरों को मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी दी जाएगी. प्रभारी डीएम ने कहा कि जैसे ही नई दर का निर्धारण किया जाएगा मजदूरों को मिलेगा. श्रमिकों को ईकेवाईसी कराना अनिवार्य है. इसके लिए सभी पंचायतों में मंगलवार को ग्रामसभा का आयोजन किया जा रहा है. ग्राम पंचायत स्तर पर योजना बनाने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम होगा. जिससे विकास की रफ्तार बढ़ेगी. स्थानीय स्तर पर ही अधिक काम मिलने से ग्रामीण इलाकों से शहरों की ओर पलायन घटेगा.
