अगले 48 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, बूंदाबांदी बारिश की संभावना

अनुमंडल क्षेत्र सहित जिले में गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. शुक्रवार की सुबह से ही चिलचिलाती धूप और भारी नमी के कारण जनजीवन प्रभावित रहा.

गोगरी. अनुमंडल क्षेत्र सहित जिले में गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. शुक्रवार की सुबह से ही चिलचिलाती धूप और भारी नमी के कारण जनजीवन प्रभावित रहा. सुबह में आसमान में बादल छाए रहे और मौसम में काफी नमी पायी गयी. मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक मौसम का यही तेवर बना रहेगा, इसके बाद हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है. आसमान में करीब 40 फीसदी बादल छाए रहने, बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना जतायी गयी है. शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुरुवार की शाम से चली पुरवा हवा ने शुक्रवार सुबह गर्मी से राहत देने के बजाय उमस और बढ़ा दी. दिनभर 7 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलती रही. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिन के तापमान में दो डिग्री तथा रात के तापमान में तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गयी. दोपहर में बाजार, चौक-चौराहे और प्रमुख सड़कें सूनी नजर आयी. तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखी गयी. वहीं निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों ने दोपहर के समय काम रोक दिया और शाम ढलने के बाद फिर काम शुरू किया. राज्य सरकार ने हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. चिकित्सकों ने बिना जरूरत धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, सिर ढंककर बाहर जाने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है. गर्मी का असर पशुपालन और पोल्ट्री व्यवसाय पर लगा है. दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन घटने की शिकायत सामने आ रही है. पशुपालकों को मवेशियों को छायादार स्थान पर रखने, समय-समय पर पानी पिलाने और ठंडे पानी से धोने की सलाह दी गयी है. पोल्ट्री फार्म में भी तापमान बढ़ने से पक्षियों पर असर पड़ रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक विपुल कुमार मंडल ने बताया कि अगले दो दिनों तक गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद कम है. हालांकि, 48 घंटे बाद बादल बढ़ने और हल्की बारिश से मौसम में कुछ नरमी आ सकती है. तब तक लोगों को सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.

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By RAJKISHORE SINGH

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